क्लाइमेट इंडिया 2025 का खौफनाक खुलासा: 99% दिनों में चरम मौसम, 4,064 मौतें और लाखों हेक्टेयर फसल तबाह

Date:

क्लाइमेट इंडिया 2025 का खौफनाक खुलासा: 99% दिनों में चरम मौसम, 4,064 मौतें और लाखों हेक्टेयर फसल तबाह

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरनमेंट (CSE) और डाउन टू अर्थ की वार्षिक क्लाइमेट इंडिया 2025 रिपोर्ट ने देश में तेजी से बिगड़ते जलवायु संकट की भयावह तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से सितंबर 2025 तक भारत के 99% दिन किसी न किसी चरम मौसमी घटना—लू, बाढ़, भारी बारिश, तूफान, शीतलहर या भूस्खलन—के प्रभाव में रहे।

भारत में मौसम का कहर: 7 महीनों में 1626 मौतें, 1.57 लाख हेक्टेयर फसलें  बर्बाद - india natural disasters claims 1626 deaths in seven months 1.57  lakh hectares of crops destroyed - AajTak

भारी तबाही: हजारों मौतें, करोड़ों हेक्टेयर फसलें बर्बाद

रिपोर्ट के अनुसार:

  • 4,064 लोगों की जान गई, जो पिछले चार वर्षों की तुलना में 48% अधिक है।
  • 9.47 मिलियन हेक्टेयर (करीब 47 मिलियन एकड़) फसल क्षेत्र प्रभावित—चार साल में 400% की वृद्धि।
  • 99,533 घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट।
  • 58,982 पशुओं की मौत दर्ज।

2025 में 18 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 2022 के बाद सबसे अधिक चरम मौसमी दिन दर्ज किए गए। फरवरी से सितंबर तक लगातार आठ महीनों में 30+ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को चरम मौसम झेलना पड़ा।

कहां सबसे ज़्यादा असर?

  • हिमाचल प्रदेश: 257 दिन चरम मौसम – देश में सबसे अधिक
  • मध्य प्रदेश: 532 मौतें – सबसे ज्यादा मानव हानि
  • महाराष्ट्र: फसल क्षेत्र का सर्वाधिक नुकसान — 84 लाख हेक्टेयर

मानसून सबसे विनाशकारी रहा — 122 में से हर एक दिन चरम मौसम से प्रभावित रहा। बाढ़, भारी बारिश और भूस्खलन से 2,440 मौतें, जबकि तूफान और बिजली गिरने से 1,456 मौतें हुईं।

जलवायु रिकॉर्ड ध्वस्त

रिपोर्ट बताती है कि 2025 में कई ऐतिहासिक जलवायु रिकॉर्ड टूटे:

  • जनवरी 1901 के बाद पांचवां सबसे शुष्क महीना।
  • फरवरी 124 वर्षों में सबसे गर्म।
  • सितंबर देश के इतिहास का सातवां सबसे गर्म तापमान।

क्षेत्रीय तौर पर उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में घटनाओं की आवृत्ति सबसे अधिक रही, जबकि मध्य क्षेत्र में 1,093 मौतें दर्ज हुईं।

यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में जलवायु संकट अब भविष्य की चेतावनी नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई बन चुका है।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

सजा में भी मजा लेते रहे आईडीए के बाबू, तीन महीने से भाजपा नेता के यहां हाजिरी!

आईडीए के बाबू विनोद दुबे को सजा के दौरान भाजपा नेता के यहां हाजिरी लगाते पाया गया।

एशियन गेम्स 2026: वीवीएस लक्ष्मण होंगे भारतीय टीम के कोच

एशियन गेम्स 2026 में वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के कोच होंगे। उनकी कोचिंग में टीम का प्रदर्शन कैसा रहेगा, यह देखने लायक होगा।

BRICS समिट: 11 सितंबर को दिल्ली में सरकारी दफ्तर बंद

BRICS समिट के कारण 11 सितंबर को दिल्ली में सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। यह सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए है।

शेयर बाजार में गिरावट, निवेशकों को ₹87279 करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को ₹87,279 करोड़ का नुकसान हुआ। घरेलू सूचकांक लगातार चौथे दिन दबाव में रहे।

रीवा-सीधी हादसे में कई घायल, मुख्यमंत्री ने जताया दुख और सहायता का ऐलान

रीवा-सीधी मार्ग हादसे में कई घायल हुए हैं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहायता की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी

पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी। छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में अत्यधिक बारिश की संभावना।

कार्गो में धुआं, एयर इंडिया की उड़ान लखनऊ में सुरक्षित उतरी

एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 1253 में धुएं का संकेत मिलने के बाद लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग की गई।

केदारनाथ धाम के लिए 15 से हेलीकॉप्टर सेवा, बुकिंग 7 से

केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा 15 सितंबर से शुरू होगी, टिकट बुकिंग 7 सितंबर से। चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य।

कूनो पार्क से लापता मादा चीता निर्वा 13 दिन बाद सुरक्षित मिली

कूनो नेशनल पार्क से लापता मादा चीता निर्वा 13 दिन बाद सुरक्षित मिली है। वन विभाग की विशेष टीमों ने उसे खोज निकाला।

रजिस्टर्ड पर्चे पर ही बिकेंगी दवाएं, विक्रेताओं को रिकॉर्ड रखना अनिवार्य

दवाएं अब केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर बेची जाएंगी। विक्रेताओं को रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।