ठग सुकेश चंद्रशेखर केस में नोरा फतेही को समन जारी किया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अभिनेत्री नोरा फतेही को 2 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह समन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह के 16 अक्टूबर के आदेश के तहत दिया गया है।
नोरा फतेही को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में तलब
ठग सुकेश चंद्रशेखर मामले में नोरा फतेही को आरोपी नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर तलब किया गया है। दिल्ली पुलिस की जांच शाखा ने अपनी तीसरी पूरक चार्जशीट में उन्हें गवाह ‘LW 3’ के रूप में सूचीबद्ध किया है। अदालत की यह कार्रवाई मामले की गहराई से जांच और सभी प्रासंगिक जानकारियों को इकट्ठा करने की पहल है।
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राउज एवेन्यू कोर्ट का समन और पेशी की तिथि
राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर को हाजिर होने का आदेश दिया है। यह समन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह द्वारा 16 अक्टूबर को जारी किया गया था। अदालत में नोरा फतेही की उपस्थिति मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि उनका बयान पहले ही धारा 164 के तहत दर्ज किया जा चुका है।
₹200 करोड़ की रंगदारी और धोखाधड़ी का मामला
यह मामला कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहते हुए सरकारी अधिकारी बनकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से ₹200 करोड़ की ठगी की। इस गंभीर आर्थिक अपराध की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।

नोरा फतेही का बयान और जांच प्रक्रिया
नोरा फतेही का बयान पहले ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज किया जा चुका है। इसमें उन्होंने बताया था कि उनका संपर्क सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल के माध्यम से हुआ था। इससे मामले की जांच में नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। उनके बयान से ठगी के नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गुत्थी सुलझाने में मदद मिल सकती है।
बड़ेमा मामलों में गवाहों की भूमिका अहम
इस केस की जांच से यह स्पष्ट होता है कि बड़े आर्थिक अपराधों की तह तक पहुंचने के लिए गवाहों की भूमिका अहम होती है। ₹200 करोड़ की ठगी जैसे मामलों में न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। आम आदमी के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि न्याय प्रणाली ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित परिणाम
नोरा फतेही की कोर्ट में पेशी से मामले में और स्पष्टता आएगी। अदालत के समक्ष उनकी गवाही से ठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ सबूत मजबूत हो सकते हैं। इसके बाद अदालत मामले की सुनवाई आगे बढ़ाएगी। इस मामले में अन्य गवाहों और आरोपियों की भी जांच जारी रहेगी।



