डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक परंपरा कमजोर करने का आरोप लगाया है। यह आरोप उन्होंने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति राहुल गांधी के रवैये की कड़ी आलोचना की।
राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक परंपरा कमजोर करने का आरोप
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का व्यवहार देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी का रवैया लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। इस आरोप के साथ उन्होंने विपक्ष की राजनीति में ‘सत्ता की मानसिकता’ को भी चुनौती दी।
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विपक्ष की सत्ता की भूख को बताया असली कारण
त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि विपक्ष में सत्ता की भूख उनकी सोच का मूल आधार है। वे सत्ता में रहने या बाहर होने की स्थिति में संवैधानिक और राजनीतिक निर्णयों का सम्मान नहीं करते। इसके चलते देश में राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचता है।
1 नवंबर के INDIA गठबंधन प्रदर्शन पर निशाना
बीजेपी प्रवक्ता ने 1 नवंबर 2026 को विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा प्रस्तावित रैली और प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। यह प्रदर्शन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र के खिलाफ एक चुनौती है।
चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों का खंडन
28 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और ‘वोट चोरी’ को लेकर उठाए गए सवालों को त्रिवेदी ने पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार और सार्वजनिक समर्थन की कमी को संवैधानिक निकायों पर आरोप लगाकर दबाने का प्रयास कर रही है। यह लोकतंत्र की परंपराओं के खिलाफ है।
लोकतांत्रिक परंपरा कमजोर करने के दावे से जुड़ी राजनीतिक हलचल
सुधांशु त्रिवेदी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस आरोप को राजनीतिक नाटक करार दिया है। वहीं बीजेपी ने इसे विपक्ष के असंवैधानिक रवैये पर कटाक्ष माना है। इस बयान से आगामी राजनीतिक विवादों की संभावनाएं बढ़ गई हैं।




