नई दिल्ली। ओडिशा में सोमवार 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इसके कारण कांग्रेस और बीजद के संयुक्त उम्मीदवार की हार हुई। कांग्रेस आलाकमान ने इस मामले पर सख्त एक्शन लेते हुए कांग्रेस के तीन विधायकों सोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दशरथी गोमांगो को निलंबित कर दिया है।
कांग्रेस के इन तीनों विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में मतदान किया था। इन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी के आदेशों का उल्लंघन किया। ओडिशा कांग्रेस के मीडिया सेल प्रभारी अरबिंद दास ने तीनों विधायकों के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि यह निर्णय पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के हितों के खिलाफ काम किया और अब उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कराई जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि इन विधायकों ने पार्टी के साथ गद्दारी की है। संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत इन लोगों को विधानसभा से बाहर किया जाएगा।
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विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई का अनुरोध
कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काड़ाम ने विधानसभा अध्यक्ष को दो पत्र भी भेजे हैं, जिनमें आगे की कार्रवाई करने की मांग की गई है। पत्र में विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि इन तीनों विधायकों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाए। पत्र में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप के बावजूद इन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जो संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन माना जा सकता है। इसलिए स्पीकर से निवेदन किया गया है कि मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक जांच और अयोग्यता की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। एक अन्य पत्र में कहा गया है कि चूंकि तीनों नेता अब कांग्रेस विधायक दल का हिस्सा नहीं रहे हैं, इसलिए सदन में उनकी बैठने की व्यवस्था भी बदली जाए।



