जबलपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर अब सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रतिक्रिया दी है। होसबाले ने कहा कि आखिर बैन लगाए जाने के पीछे कोई वजह तो होनी चाहिए। ऐसा कहने वाले नेता को यह समझना चाहिए कि पहले भी उनके नेता ने ऐसी कोशिश की थी लेकिन उसका क्या असर हुआ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की 3 दिवसीय बैठक के बाद जबलपुर में होसबोले ने कहा कि उस पर समाज और कोर्ट ने क्या कहा। बैन का कोई कारण तो होना चाहिए। इच्छा से थोड़ी ना होता है। कारण भी तो बताएं। उन्होंने कई बार इस तरह की कोशिश की है। उन्हें पहले के अनुभवों से भी थोड़ा सीखना चाहिए। समाज किस दिशा में जा रहा है। समाज ने संघ को पूरी तरह स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संघ की 8399 शाखाएं सक्रिय हैं और जनजातीय क्षेत्रों में शाखाओं के विस्तार पर विशेष कार्य चल रहा है।
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आने वाले समय में 86 हजार हिंदू सम्मेलन
होसबोले ने कहा कि आने वाले समय में 86,000 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि संघ के पंच परिवर्तन और हिंदू एकता का संदेश समाज तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरदार पटेल की जयंती, गुरु तेग बहादुर की 350वीं जयंती और भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को विशेष रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सिर्फ जनजातीय नेता नहीं, बल्कि पूरे समाज के नेता थे। उन्होंने धर्मांतरण रोकने के लिए संघर्ष किया।
सिख समुदाय में धर्मांतरण की प्रवृत्ति बढ़ी
धर्मांतरण पर अंकुश लगाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के कई लोग, साधु-संत विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) अधिक काम करती है और हम उनके साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के भीतर भी धर्मांतरण की प्रवृत्ति बढ़ी है। पंजाब में भी इस विषय के बारे में जागृति तो है, लेकिन उसको और मजबूत करना होगा। वहां के लोगों में इसके बारे में सक्रिय होकर इसको रोकना और जो परिवर्तित हुए हैं उनको वापस करने की कोशिश की जानी चाहिए इसकी चर्चा चल रही है।
एसआईआर के विरोध आखिर क्यों होता है
बिहार के बाद देशभर में एसआईआर के विरोध को लेकर संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय ने कहा कि समय-समय पर एसआईआर होता रहा है। वोटर लिस्ट को प्रामाणिक बनाया चाहिए। एक ही नाम दो-तीन बार ना रहे या जिन मतदाताओं का नाम नहीं हों उसके लिए उसकी संस्था चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, यह उसका काम है। इसे उसे करना चाहिए। अब अगर इसमें कोई विरोध करता है तो मुझे समझ नहीं आता।



