देवास में भागने की कोशिश के दौरान टीआई को कुचलने वाले ड्राइवर अक्कू को लगी गोली। यह घटना 3 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश के देवास जिले में हुई, जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर रही थी। इस दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिससे पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे गोली मारी।
टीआई दिलीप पुरी को कुचलने वाले ड्राइवर का शॉर्ट एनकाउंटर
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी को ट्रक से कुचलने वाले मुख्य आरोपी गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया। यह मुठभेड़ तब हुई जब पुलिस आरोपी को आलीराजपुर से देवास ला रही थी। रास्ते में आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया।
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अवैध शराब तस्करी रोकते हुए हुई थी मुख्य घटना
1 और 2 नवंबर की दरमियानी रात को टीआई दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब तस्करी रोकने के लिए वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान गजेंद्र रावत का मिनी ट्रक अवैध शराब से भरा था। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर टीआई को कुचल दिया।
पुलिस हिरासत में आरोपी ने किया हथियार छीनकर भागने का प्रयास
पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर टायर बदलने के दौरान गजेंद्र रावत ने पुलिसकर्मी से रिवॉल्वर छीनकर हमला किया और भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे गोली मारी। यह मुठभेड़ देवास जिले के बरोठा के पास हुई।

शराब तस्करी नेटवर्क के अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में शराब तस्करी के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल और वाहन के मालिक/कंडक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक सहायता और अनुकंपा नियुक्ति का ऐलान किया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बलिदानी टीआई दिलीप पुरी गोस्वामी के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उनकी पत्नी को पुलिस उप-निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का भी ऐलान किया गया है।
अवैध शराब तस्करी पर प्रदेश में सख्त कानून व्यवस्था की जरूरत
यह घटना प्रदेश में अवैध शराब तस्करी और उससे जुड़ी अपराध गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाती है। इससे आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। सरकार और पुलिस को इस पर लगातार सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि ऐसे अपराधी कानून के शिकंजे में आएं।



