उज्जैन नीलगंगा डबल मर्डर केस में पुलिस का शॉर्ट एनकाउंटर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में सामने आया है। इस मुठभेड़ में दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो इस मामले के मुख्य संदिग्ध थे।
नीलगंगा डबल मर्डर केस की घटना और संदिग्धों की पहचान
18 जुलाई 2026 की रात उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में हुए इस दोहरे हत्याकांड में बीजेपी नेता दिलीप राव गोरकर के दो भतीजों, लोकेश और जय गोरकर की हत्या की गई थी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि पासी और गोरकर परिवारों के बीच होली के दौरान एक महिला को लेकर विवाद हुआ था, जो इस हत्या का मुख्य कारण था। इस मामले में सोनू पासी और विजय सूर्यवंशी (उर्फ छोटू) मुख्य आरोपी हैं, जिनका पुलिस ने हाल ही में शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तारी की है।
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पुलिस की मुठभेड़ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
26 सितंबर 2026 की रात लगभग 11 बजे नीलगंगा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों को उज्जैन के करोहन क्षेत्र के पास घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की। हिरासत में लेने के दौरान आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागने का प्रयास किया और पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अपराधी रिकॉर्ड और पहले की गिरफ्तारियां
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू पासी पर पहले से 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि विजय सूर्यवंशी पर 3 गंभीर मामले दर्ज हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी नरेश पासी को भी जुलाई माह में पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी ने मामले की जांच को और मजबूती दी है।
नीलगंगा डबल मर्डर केस की पृष्ठभूमि और रंजिश
इस हत्या की पृष्ठभूमि में पासी और गोरकर परिवारों के बीच पुरानी रंजिश शामिल है। होली के समय महिला को लेकर विवाद ने दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ा दिया था। 18 जुलाई की रात दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हिंसक झड़प हुई, जिसमें गोलीबारी और पत्थरबाजी शामिल थी। इस झड़प में दो भाइयों की जान चली गई।
आम जनता पर इस मामले का प्रभाव
नीलगंगा डबल मर्डर केस ने उज्जैन के स्थानीय लोगों में भय और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। इस तरह के हिंसक घटनाक्रम से कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों को उम्मीद मिली है कि अपराधियों को जल्द ही न्यायालय के सामने लाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सतर्कता बढ़ा चुकी है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा
पुलिस ने बताया है कि घायल आरोपियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मामले की गहन जांच जारी है, जिससे बाकी आरोपी भी जल्द पकड़ में आएंगे। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर काम कर रही है।



