इंदौर में APK फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हुआ हैक, जिसके कारण दो अकाउंट से लाखों रुपये निकाल लिए गए। यह साइबर ठगी की घटना हाल ही में सामने आई है, जिसमें जालसाजों ने व्हाट्सएप और मैसेज के जरिए फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक किए।
इंदौर पुलिस ने साइबर ठगी की रकम वापस कराई
इंदौर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में 6 पीड़ितों की कुल 4,90,000 रुपये की ठगी की पूरी राशि वापस कराई है। यह कार्रवाई 27 सितंबर 2026 को की गई और इसकी आधिकारिक घोषणा भी पुलिस ने की है। पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
👉 यह भी पढ़ें:
फर्जी APK फाइलों के जरिए मोबाइल हैकिंग का तरीका
साइबर अपराधी व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से ई-चालान, मोबाइल अपडेट, बैंक केवाईसी, बिजली बिल और धार्मिक कार्यक्रम जैसे बहाने बनाकर फर्जी APK फाइलें भेजते हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही पीड़ितों के मोबाइल हैक हो जाते हैं और उनके नंबर कॉल फॉरवर्डिंग पर चले जाते हैं। इससे खातों से पैसे निकालने में जालसाज सफल हो जाते हैं।
विभिन्न पीड़ितों से लाखों की ठगी
महिला एडवोकेट सुशीला से मोबाइल अपडेट के बहाने 1,30,000 रुपये निकाले गए।
निजी नौकरीपेशा अजय के दो अलग-अलग खातों से ट्रैफिक चालान और बैंक केवाईसी के नाम पर 45,000 और 90,000 रुपये ठगे गए।
सुरेन्द्र को तीन पत्ती गेम के नाम पर 95,000 रुपये की ठगी हुई।
मधुरम से बिजली बिल फाइल बताकर 1,02,000 रुपये निकाल लिए गए।
जूता दुकान संचालक राजेंद्र को धार्मिक भजन संध्या के नाम पर 28,000 रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा।
पुलिस की चेतावनी और सुरक्षित रहना जरूरी
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने सभी नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी अज्ञात नंबर या संदिग्ध स्रोत से आने वाली APK फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। इससे मोबाइल हैकिंग और बैंक खातों से पैसे चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
साइबर ठगी के खिलाफ कानून और आगे की कार्रवाई
साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने पहले ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए शिकायतें दर्ज कर बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया। इससे ट्रांजैक्शन्स फ्रीज कराकर रकम वापस कराई गई। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि त्वरित पुलिस कार्रवाई से भी साइबर अपराधियों को रोका जा सकता है।
आम आदमी के लिए जागरूकता और सावधानी जरूरी
इस तरह की साइबर ठगी आम आदमी के लिए खतरा बनती जा रही है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें। साथ ही, मोबाइल सुरक्षा के लिए एंटीवायरस और अपडेटेड सिक्योरिटी सेटिंग्स का इस्तेमाल करें। जागरूकता से ही इस तरह के अपराधों को कम किया जा सकता है।



