मध्य प्रदेश के 19 जिलों में 30 सितंबर को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। यह येलो अलर्ट मौसम विज्ञान विभाग की ओर से मानसून की विदाई से पहले जारी किया गया है।
येलो अलर्ट के तहत प्रभावित 19 जिले
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढूर्णा जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। इन इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
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मध्य प्रदेश के मौसम में तापमान का उतार-चढ़ाव
पिछले 24 घंटों में खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जहां रात का मौसम ठंडा महसूस किया गया। तापमान में यह उतार-चढ़ाव मानसून की विदाई की प्रक्रिया के संकेत हैं।
मानसून की विदाई की प्रक्रिया में तेजी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। इस सप्ताह उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से मानसून वापस लौटेगा। इसके बाद अन्य क्षेत्रों में भी मौसम शुष्क होने लगेगा। यह बदलाव प्रदेश के मौसम में आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
मौसम प्रणाली का वर्तमान प्रभाव
फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है, जबकि उत्तर हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनी हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश के आसार हैं। यह येलो अलर्ट इसी प्रभाव का परिणाम है।
आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि 2 अक्टूबर तक प्रदेश के पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क हो जाएगा। इससे किसानों और आम जनता को फसल कटाई और अन्य कार्यों में सहूलियत होगी।
मौसम विभाग की सतर्कता और जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट के दौरान जनता से सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना के कारण सावधानी बरतना जरूरी है। इसके अलावा सड़क मार्गों पर यातायात में भी सावधानी आवश्यक है।



