इंदौर मैच के टिकट को लेकर साइबर ठगों की सक्रियता दर्शकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। आगामी 11 अक्टूबर 2026 को होल्कर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मैच को लेकर टिकटों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है।
इंदौर मैच के टिकट साइबर ठगों की नई चाल
टिकट सोल्ड आउट होने के बाद, साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल और नकली वेबसाइट बनाकर टिकट उपलब्ध कराने का झांसा दे रहे हैं। वे 10 से 20 प्रतिशत तक का डिस्काउंट ऑफर कर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए दर्शकों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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आधिकारिक टिकट बिक्री और कीमतों का विवरण
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकृत टिकटिंग पार्टनर ‘District by Zomato’ ऐप के माध्यम से 25 सितंबर 2026 को टिकटों की बिक्री पूरी हुई। सामान्य गैलरी के टिकट 1,000 से 1,800 रुपये, पैवेलियन के टिकट 5,500 से 8,500 रुपये तथा हॉस्पिटैलिटी टिकट 12,500 रुपये तक में बिके। फिलहाल, आधिकारिक तौर पर कोई नई टिकट बिक्री नहीं हो रही है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने दर्ज की शिकायतें
इंदौर साइबर क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर सक्रिय लगभग 12 संदिग्ध नकली ऑनलाइन लिंक चिन्हित किए हैं। पुलिस ने इन फर्जी पेजों को ब्लॉक कराने के लिए मेटा कंपनी को शिकायत भी भेजी है। प्रारंभिक जांच में इन लिंक से जुड़े मोबाइल नंबर कोलकाता, पश्चिम बंगाल से पाए गए हैं।

पुलिस की चेतावनी और दर्शकों के लिए सलाह
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने क्रिकेट प्रेमियों को सोशल मीडिया पर अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लिंक पर क्लिक करने से बैंक खाते खाली होने, मोबाइल हैक होने और अन्य साइबर खतरों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए केवल आधिकारिक चैनलों से ही टिकट खरीदें।
साइबर ठगों की ठगी का तरीका और उसके खतरे
साइबर ठग शुरुआत में टिकट की कीमत का 10 से 20 प्रतिशत अग्रिम जमा कराने के लिए कहते हैं। इसके बाद बाकी रकम टिकट मिलने के बाद लेने का भरोसा देते हैं। वे ई-मेल या पते पर टिकट भेजने का झांसा देकर लोगों को फंसाते हैं। इससे न केवल पैसे की हानि होती है, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी भी चोरी हो सकती है।
आम दर्शकों पर साइबर ठगी का प्रभाव
इंदौर मैच के टिकट को लेकर साइबर ठगों की सक्रियता आम दर्शकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है। इसके अलावा, यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी ठगी की घटनाओं को रोका जा सकता है।



