इंदौर। 17 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर आ रहे हैं। इसके बाद 19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कार्यक्रम है। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मालवा क्षेत्र में ही कुछ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन सबके बीच 300 किलो जिलेटिन पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि इंदौर ग्रामीण के बड़गोंडा से चोरी हुआ करीब 300 किलो जिलेटिन अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। बड़गोंडा में कांतिलाल पाटीदार के गोदाम में 6 और 7 सितंबर की दरमियानी रात चोरी हुई। आरोप है कि खिड़की की ग्रिल तोड़कर चोर जिलेटिन की 12 पेटियां, जिनका वजन करीब 300 किलो बताया जा रहा है, और सर्किट फ्यूज चोरी कर ले गए।
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एसआईटी भी अब तक खाली हाथ
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकृष्ण के नेतृत्व में 15 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। इसके बावजूद चोरी हुए विस्फोटक की बरामदगी नहीं हो सकी है।
इंदौर में लगातार वीवीआईपी मूवमेंट
इंदौर में लगातार वीवीआईपी मूवमेंट है। 17 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम हैं। 18 सितंबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत और 19 सितंबर को राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जुटी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस वीवीआईपी सुरक्षा के लिए हर स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रही है, तब जिले के ग्रामीण इलाके से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी कैसे हो गई?
आखिर कहां गया 300 किलो जिलेटिन?
जिलेटिन की छड़ें आम तौर पर कुओं, बावड़ियों, जलस्रोतों, खनन और अन्य निर्धारित कार्यों में इस्तेमाल की जाती हैं। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का चोरी होना अपने आप में गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। पुलिस के सामने अब सिर्फ चोरों तक पहुंचने की चुनौती नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी अहम है कि चोरी हुआ विस्फोटक आखिर कहां पहुंचा। जिलेटिन की छड़ें औद्योगिक विस्फोटक सामग्री हैं। इनका इस्तेमाल खनन, पत्थर तोड़ने, कुएं-बावड़ी या अन्य अधिकृत ब्लास्टिंग कार्यों में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में इनका चोरी होना सुरक्षा की गंभीर चिंता है, क्योंकि इनके अनधिकृत इस्तेमाल से जान-माल को खतरा पैदा हो सकता है।



