नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र चल रहा है। आज गुरुवार को राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया गया। इस पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं से सरकार डर गई थी, इसीलिए उनके गुस्से को ठंडा करने के लिए बिल लाया गया।
छात्रों से बात करने पहले क्यों नहीं गए
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी ने उस दिन जो सत्याग्रह किया, उससे वे एकदम डर गए और बोले कि इसको आगे बढ़ाना ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने (नरेंद्र मोदी) ने यह तय किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए। मोदी जी अपनी कुर्सी के लिए यह सब कुछ किए। जब छात्र पेपर लीक परीक्षा की गड़बड़ियों की बात कर रहे थे, तब सरकार ने उन्हें सुनने के बजाय अराजक कहा और हर सवाल को राजनीति से जुड़ा बताकर खारिज कर दिया था। महीनों से छात्र सड़कों पर बैठे थे और अपनी बात रख रहे थे, उस वक्त आप उनके पास क्यों नहीं गए?
👉 यह भी पढ़ें:
- Rajya Sabha में सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज को लेकर खड़गे और नड्डा में जोरदार भिड़ंत
- NEET पेपर लीक पर PM मोदी के वीडियो से सियासी घमासान, खरगे बोले- ‘संसद में बयान दें, देर रात वीडियो नहीं’
- Mallikarjun Kharge ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं, तब तक कोई चर्चा नहीं
- Parliament Monsoon Session 2026: संसद में फिर हंगामा, NEET और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित
- Mallikarjun Kharge ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, परिसीमन विधेयक पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
- TMC छोड़ने वाले तीनों पूर्व सांसदों को भाजपा ने दिया तोहफा, पार्टी में शामिल होने के कुछ ही देर बाद बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार
गृह मंत्री शाह का मुंह ही नहीं खुल रहा
खड़गे ने कहा कि अगर आप पहले बात किए होते तो, इतने लोग लाठी नहीं खाते। इतने लोग बरबाद नहीं होते। इतने लोग बारिश में नहीं रहते। आपकी सरकार की वजह यह सब भुगतना पड़ा। इसका कारण भाजपा सरकार और मोदी जी हैं। सबसे बड़ी वजह हमारे गृह मंत्री अमित शाह साहब हैं। अभी वो संसद में क्यों नहीं नजर आ रहे हैं? प्रधानमंत्री भी मुह नहीं खोल रहे हैं। यहां पर दिल्ली में इतनी गड़बड़ हुई, आप होम मिनिस्टर हो, आपका मुह भी नहीं खुल रहा है। क्या किसी ने मुह बंद कर दिया है?
कुर्सी बचाने के लिए झुकना पड़ा
खड़गे ने आगे कहा कि देश भर के छात्रों और नौजवानों ने परीक्षा व्यवस्था की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाई। विपक्ष ने उनकी आवाज सड़क से लेकर संसद तक उठाई। बढ़ते दबाव के आगे सरकार को घुटने टेकने पड़े। मैं युवाओं को मुबारकबाद देता हूं कि उनका संघर्ष रंग लाया और सरकार को झुकना पड़ा। युवाओं की ताकत देखने के बाद हमारी सरकार को भी मालूम हुआ कि इससे ज्यादा खींचतान करने से धागा टूट जाएगा और हमारी कुर्सी चली जाएगी। इसीलिए डर कर उन्होंने युवाओं की डिमांड मानी, लेकिन यह काम कुर्सी बचाने के लिए किया गया है।
2024 में ही क्यों नहीं किया यह काम
खड़गे ने कहा कि इस मजबूत कानून को ठीक करने के लिए हम बार-बार आपके सामने कहते रहे, लेकिन आप किए नहीं। दो साल के बाद आप जो कर रहे हैं, उसे 2024 में ही क्यों नहीं किया? क्योंकि तब आपको राजनीति करनी थी, लोकसभा चुनाव सामने थे, राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में लगातार मुद्दा उठा रहे थे। आप उस करते तो क्रेडिट नहीं मिलता, इसीलिए आप उस वक्त ये करना छोड़ दिए थे। इस बिल का हम स्वागत करते हैं लेकिन ये अभी भी अधूरा है। ये पेपर लीक होने के बाद भी, इसकी कार्रवाई को मजबूत करना जरूरी है। पेपर लीक होने से रोकने की मजबूत व्यवस्था इसमें नहीं है। ये सब जो माहौल आज चल रहा है, इसको ठंडा करने के लिए, सड़क पर आए हमारे विद्यार्थी युवाओं को ठंडा करने के लिए लाया गया है। यह समस्या को सुलझाने के लिए नहीं है।



