नई दिल्ली। नीट पेपर लीक पर युवाओं के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब नए शिक्षा मंत्री पर मंगलवार को विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है। पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में जोशी पर हमला किया, फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जमकर निशाना साधा।
यौन उत्पीड़न के आरोपी को बचाया
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने कैबिनेट में से किसी को भी चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जो यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करता है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर हजारों की संख्या में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें छात्राओं और युवतियों की भारी हिस्सेदारी थी। उन्हें शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बुरी तरह से पीटा गया और अब भाजपा ने भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में एक ऐसे व्यक्ति को चुना है, जो यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करता है।
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किसी को भी चुन सकते थे पीएम
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह रवैया बिल्कुल ही अजीब है। उनकी कैबिनेट में इतने सारे लोग हैं, वे उनमें से किसी को भी चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने एक ऐसे शख्स को चुना, जो महिलाओं के यौन उत्पीड़न करने वाले आरोपियों को बचाता है। वाकई में यह बिल्कुल ही हैरान करने वाली बात है।
प्रियंका वाड्रा ने लोकसभा में दिया था बयान
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी की गई थी। इसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसे ‘चरित्र हनन’ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी और टिप्पणी हटाने की मांग की थी, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे कार्यवाही से हटाने का निर्णय लिया। दरअसल प्रियंका गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने एक नए शिक्षामंत्री को नियुक्त किया है। एक ऐसे व्यक्ति को जिन्होंने गर्भवती महिला के साथ बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर सहमति और खुशी भी जताई थी। देश के करोड़ों लोगों को प्रधानमंत्री ने क्या संदेश दिया है। बस इसी के बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा सांसद खड़े हो गए और विरोध करने लगे।
प्रियंका के आरोपों पर क्या बोले प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी ने प्रियंका गांधी के बयान पर कहा है कि प्रियंका गांधी को अपने बयानों को प्रमाणित करना चाहिए था। फैलाई जा रही गलत सूचना के संबंध में कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कह सकता है। इससे बच सकता है? मैं इन आरोपों का खंडन करता हूं। उन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए। माफी मांगना चाहिए।
रिजिजू के साथ शाह से मिले जोशी
बताया जाता है कि प्रियंका के बयान के बाद निशिकांत दुबे और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। बताया जाता है कि इसके बाद अब खबर है कि प्रह्लाद जोशी और किरेन रिजिजू संसद में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।



