ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका और इजराइल को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने दावा किया कि हालिया संघर्ष के बाद अमेरिका को यह समझ आ गया है कि मध्य पूर्व में अपनी मौजूदगी बनाए रखना उसके लिए फायदे का सौदा नहीं है।
अरागची ने लिखा, “इस युद्ध की बदौलत अमेरिका आखिरकार इस निष्कर्ष पर पहुंच गया है कि इस क्षेत्र में बने रहना उसके लिए लाभदायक नहीं है।”
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उन्होंने आगे कहा कि इजराइल की नाराजगी के बावजूद यदि अमेरिका को मध्य पूर्व से निकलने का कोई रास्ता मिलता है तो वह उसे अपनाएगा। अरागची के अनुसार, “इजराइल ने ही अमेरिका को इस युद्ध में धकेला था और यह एक बड़ी आपदा साबित हुई। इजराइल अमेरिका को सिर्फ गैर-जरूरी संघर्षों में खींचता है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब Iran-US Relations, Middle East Conflict, Israel-Iran Tension और US Foreign Policy वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक चर्चित विषयों में शामिल हैं।
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क्या अमेरिका वास्तव में मध्य पूर्व में अपनी सैन्य और राजनीतिक भूमिका कम करने की तैयारी कर रहा है, या यह सिर्फ एक रणनीतिक बयानबाजी है?
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