कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भाजपा के संकल्प पत्र के अनुसार लगातार फैसले ले रहे हैं। इसके तहत गरीबों को पांच रुपए में मछली-चावल देने की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपए देने पर भी काम शुरु हो गया है।
मंगलवार को कल्याणी में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 27 मई से ‘अन्नपूर्णा योजना’ के फॉर्म बांटना शुरू कर देगी। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भारत का कोई भी नागरिक इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र है। इसके फॉर्म राज्य सचिवालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- आशीष बनर्जी की मौत पर ममता का दर्द, बोलीं-बदनाम किया, झूठे आरोप लगाए
- ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़-पत्थर फेंके जाने की घटना से बंगाल की राजनीति गरम, भाजपा ने आरोपों से किया किनारा
- Amit Shah ने बंगाल में किया दुनिया के सबसे बड़े दही प्लांट का शिलान्यास, कहा-सोनार बांग्ला के सपने को साकार करने की मुहिम शुरू
- TMC के बागी गुट के नेताओं को अभिषेक बनर्जी ने दी चुनौती, पार्टी में वापस आ जाएं, एक घंटे में दे दूंगा इस्तीफा
- Abhishek Banerjee : ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका, डायमंड हार्बर में दफ्तर पर चला बुलडोजर
- Mamata Banerjee ने कहा-भाजपा चाहती थी कि मुझे हार्ट अटैक आ जाए, भतीजे अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
शराब दुकानों को लेकर भी हुआ फैसला
सीएम अधिकारी ने शराब दुकानों को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि अब स्कूल, कॉलेज और किसी भी धार्मिक स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला शिक्षण संस्थानों और मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
गरीबों के लिए 400 विशेष कैंटीन
गरीबों के भोजन के लिए भी सरकार ने विशेष योजना बनाई है। राज्य भर में लगभग 400 विशेष कैंटीन खोली जाएंगी। इन कैंटीन में लोगों को हफ्ते में दो दिन मात्र 5 रुपये में मछली और चावल का भरपेट भोजन मिलेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार एक नया ‘आयुष’ (AYUSH) विभाग भी बनाएगी। अभी तक यह स्वास्थ्य विभाग का हिस्सा था, लेकिन अब इसे एक अलग विभाग के रूप में पहचान मिलेगी।
बैठक में दिखीं टीएमसी सांसद काकोली घोष
बताया जाता है कि इस बैठक में नदिया, उत्तर 24 परगना और हुगली जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई। इसमें बारासात से टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार पर भी नजर आईं। रविवार को काकोली ने टीएमसी के संगठनात्मक पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस बैठक में शामिल होने पर कयासबाजी के दौर शुरु हो गए हैं। काकोली ने पत्रकारों से कहा कि वे एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर अपने क्षेत्र के विकास के लिए यहां आई हैं।



