होर्मुज संकट के बहाने रूस पर प्रतिबंध हटाना गलत – मैक्रों का सख्त संदेश
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ हुई वीडियो बैठक के बाद कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई स्थिति का हवाला देकर रूस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाना गलत होगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- UN में भारत की बड़ी अपील: युद्ध का असर अब सिर्फ रणभूमि तक नहीं, वैश्विक Food Security पर संकट
- होर्मुज स्ट्रेट पर फिर बढ़ा तनाव! ट्रंप के ‘माइंस हटाने’ के दावे को ईरान ने किया खारिज
- ईरान युद्ध खत्म करने के पक्ष में, ट्रंप का सख्त रुख—क्या शुरू होगी शांति वार्ता?
- Parliament March 2026: संसद मार्च से पहले सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश, बोले- ‘इन शर्तों पर आज खत्म कर दूंगा अनशन’; दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
- US Sanctions on Russia: रूस से तेल खरीदने पर भारत पर भी टैरिफ की तैयारी? अमेरिकी सीनेट में नया बिल, जानिए क्या होगा असर
- El Nino Alert 2026: 75 साल का सबसे खतरनाक अलनीनो! भारत में खेती से बिजली तक मचेगा संकट, दुनिया पर भी पड़ेगा बड़ा असर?
मैक्रों ने कहा, “ईरान से जुड़ी स्थिति के कारण यूक्रेन पर हमारा ध्यान, यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर हमारी स्पष्टता कम नहीं होनी चाहिए।”
यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के कारण कई देशों को तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए दूसरे स्रोत और रास्ते तलाशने पड़े।
हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अस्थायी रूप से इन प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल की खेप खरीद सकें।
मैक्रों ने बैठक में यह भी कहा कि सभी देशों को मिलकर समन्वय के साथ काम करना चाहिए, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो सके।



