US-Iran Conflict एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कथित सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों का वीडियो जारी किया है। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक व्यावसायिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
CENTCOM द्वारा जारी वीडियो में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ईरान के कथित सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करते हुए दिखाया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Ever Lovely पर ड्रोन से हमला किया गया था, जब वह ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। अमेरिका का आरोप है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ था।
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इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर तीखा हमला बोला। युद्धविराम उल्लंघन के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि “इसका अंजाम बहुत जल्द दुनिया देखेगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने एक दिन पहले गोलीबारी की, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
ट्रंप ने दावा किया कि कुल चार हमले किए गए थे, जिनमें से तीन को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जबकि एक महंगे व्यावसायिक जहाज को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
इसी दौरान ट्रंप ने ईरान के पूर्व सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “सुलेमानी की मौत पिछले 100 वर्षों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक थी।” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोग भी सुलेमानी से डरते थे और उसकी मौत से राहत महसूस कर रहे थे। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अपने बयान में ट्रंप ने दोहराया कि “हम ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में ईरान का नेतृत्व करने के लिए कोई तैयार नहीं दिख रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर मध्य पूर्व की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। दुनिया की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।



