US-Iran Conflict एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कथित सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों का वीडियो जारी किया है। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक व्यावसायिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
CENTCOM द्वारा जारी वीडियो में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ईरान के कथित सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करते हुए दिखाया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Ever Lovely पर ड्रोन से हमला किया गया था, जब वह ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। अमेरिका का आरोप है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ था।
👉 यह भी पढ़ें:
- UN में भारत की बड़ी अपील: युद्ध का असर अब सिर्फ रणभूमि तक नहीं, वैश्विक Food Security पर संकट
- होर्मुज स्ट्रेट पर फिर बढ़ा तनाव! ट्रंप के ‘माइंस हटाने’ के दावे को ईरान ने किया खारिज
- होर्मुज स्ट्रेट से हटाई गईं सभी बारूदी सुरंगें? ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
- ट्रंप की कनाडा को बड़ी टैरिफ धमकी: कार-ट्रक और ऑटो पार्ट्स पर अब 50% शुल्क!
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला! अज्ञात प्रोजेक्टाइल से इंजन रूम क्षतिग्रस्त
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर तीखा हमला बोला। युद्धविराम उल्लंघन के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि “इसका अंजाम बहुत जल्द दुनिया देखेगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने एक दिन पहले गोलीबारी की, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
ट्रंप ने दावा किया कि कुल चार हमले किए गए थे, जिनमें से तीन को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जबकि एक महंगे व्यावसायिक जहाज को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
इसी दौरान ट्रंप ने ईरान के पूर्व सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “सुलेमानी की मौत पिछले 100 वर्षों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक थी।” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोग भी सुलेमानी से डरते थे और उसकी मौत से राहत महसूस कर रहे थे। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अपने बयान में ट्रंप ने दोहराया कि “हम ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में ईरान का नेतृत्व करने के लिए कोई तैयार नहीं दिख रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर मध्य पूर्व की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। दुनिया की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।



