खंडवा में गणेश विसर्जन के दौरान भाजपा नेता के दो बेटे खदान में डूबे, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। यह हादसा 25 सितंबर 2026 को ग्राम नाहल्दा के पास हुई। घटना के तुरंत बाद प्रशासन और बचाव टीमों ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है।
खंडवा में गणेश विसर्जन के समय दो भाइयों का खदान में डूबना
खंडवा में गणेश विसर्जन के दौरान दोनों सगे भाई विश्वास ठाकुर (17 वर्ष) और लक्ष्य ठाकुर (16 वर्ष), जो भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मोंटू ठाकुर के बेटे हैं, खदान में डूब गए। यह खदान ग्राम नाहल्दा में स्थित है और बारिश के पानी से भरी हुई है। घटना शाम लगभग 4:30 बजे हुई जब 5 किशोर विसर्जन के लिए खदान के पास पहुंचे थे।
हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तीन अन्य किशोरों को सुरक्षित बचा लिया। लेकिन दोनों भाइयों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

गिट्टी खदान की गहराई और खतरनाक स्थिति
होमगार्ड कमांडेंट आशीष कुशवाह ने बताया कि यह गिट्टी खदान अवैध रूप से अत्यधिक गहरी खोदी गई थी। इसकी गहराई लगभग 40 फीट है और बारिश का पानी इसमें भर गया है। इसलिए खदान में डूबने का खतरा अधिक रहता है। इस खदान के आसपास विसर्जन के लिए पहुंचना खतरनाक साबित हो सकता है।
इस खदान के पानी में उतरना जोखिम भरा है और इसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं।
प्रशासन और बचाव टीमों की तुरंत कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही खंडवा के एसडीएम, तहसीलदार, कोतवाली थाना पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की बचाव टीमें नावों और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
रेस्क्यू टीमों ने पानी के अत्यधिक गहरे होने के कारण दोनों भाइयों का पता लगाने में कठिनाई का सामना किया है। रात तक सर्च ऑपरेशन को जारी रखा गया है ताकि किसी भी तरह का सुराग मिल सके।
गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा के अभाव में हादसों का बढ़ना
खंडवा हादसा ऐसे समय में हुआ जब गणेश विसर्जन पर्व पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा था। हालांकि, विसर्जन के दौरान सुरक्षा प्रबंधों की कमी से कई दुर्घटनाएं हुई हैं।
इससे पहले धार जिले के बदनावर में भी गणेश विसर्जन के बाद तीन दोस्तों के डूबने की खबर आई थी। ऐसे हादसे आम जनता के लिए चिंता का विषय हैं।
ग्रामीणों की भूमिका और बचाव प्रयास
इस घटना में ग्रामीणों की तत्परता ने तीन किशोरों की जान बचाई। वे मौके पर तुरंत पहुंचे और पानी में उतरकर उन्हें बाहर निकाला। यह दिखाता है कि स्थानीय लोग भी आपात स्थिति में मदद को तैयार हैं।
फिलहाल, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर दोनों भाइयों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई और संभावित परिणाम
राज्य प्रशासन द्वारा इस खदान के अवैध और खतरनाक होने की जांच की जाएगी। इसके अलावा, गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग उठ सकती है।
रेस्क्यू टीमों के प्रयासों के बावजूद अभी तक दोनों भाइयों का पता नहीं चल पाया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उनकी खोज में सफलता मिलेगी।



