वित्तीय संकट की कगार पर संयुक्त राष्ट्र
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संयुक्त राष्ट्र वित्तीय संकट के कगार पर खड़ा है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पत्र लिखकर सभी 193 सदस्य देशों को चेतावनी दी है। गुटेरेस ने कहा कि अगर सभी सदस्य देश बजट का भुगतान समय पर नहीं करेंगे, तो यूएन को नकदी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
गुटेरेस ने कहा कि अगर सभी सदस्य देश अपने बजट का भुगतान समय पर नहीं करेंगे तो संयुक्त राष्ट्र वित्तीय संकट का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत कई बड़े देशों के बकाया ने नकदी को खत्म कर दिया है और संगठन का 2026 का तीन अरब पैंतालीस करोड़ डॉलर का बजट खतरे में है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह संकट शांति स्थापना, मानवीय सहायता और विकास कार्यक्रमों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
गुटेरेस ने सभी सदस्य देशों को पत्र भेजकर यह भी कहा है कि संघ के वित्तीय नियमों में बदलाव करना आवश्यक है ताकि यह संकट टाला जा सके। उन्होंने पत्र में कहा है कि अगर सदस्य देश अपने तय किए गए बजट का पैसा समय पर नहीं देंगे तो जुलाई तक संयुक्त राष्ट्र के पास अपने नियमित कामकाज के लिए नकदी खत्म हो सकती है। यूएन महासचिव ने आगे कहा कि 2025 के अंत तक रिकॉर्ड 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट बकाया रह गया है। उन्होंने कहा कि यह पिछले साल की तुलना में दोगुना है। बता दें कि यूएन का परंपरागत रूप से सबसे बड़ा योगदानकर्ता अमेरिका है, लेकिन उसने अभी तक अपनी अनिवार्य सदस्यता राशि का भुगतान नहीं किया है।



