अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई हमले की धमकी के बाद अब ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र का जमीर ज़िंदा होता, तो वह अमेरिका के युद्ध की बात करने वाले राष्ट्रपति की इस खुली और बेशर्म धमकी पर चुप नहीं रहता। ईरान ने आरोप लगाया कि ट्रंप पूरे क्षेत्र को अंतहीन युद्ध की तरफ धकेलना चाहते हैं।
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ईरान ने इस बयान को आम नागरिकों को डराने की कोशिश बताते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध की मंशा को दर्शाता है।
अपने बयान में ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि ऐसे संभावित युद्ध अपराधों को रोकना सभी देशों की कानूनी जिम्मेदारी है। उसने चेतावनी दी कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो बाद में बहुत देर हो सकती है।



