ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन: “ईरान को अब शांति की राह चुननी होगी, वरना त्रासदी और बड़ी होगी”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और इजराइली सेना का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग की सराहना की।
👉 यह भी पढ़ें:
- अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ी शांति की उम्मीद: 60 दिन के सीजफायर विस्तार पर सहमति, ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
- पश्चिम एशिया में फिर भड़का तनाव: ईरान पर अमेरिकी हमले, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी जंग की आशंका
- अमेरिका-ईरान तनाव के बीच शांति का संकेत! राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले- ‘सम्मानजनक समाधान के लिए तैयार’
- ट्रंप का बड़ा यू-टर्न? ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को नष्ट करने की नई पेशकश से बढ़ी हलचल

ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभी अभियान खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी, “अभी बहुत से ठिकानों को निशाना बनाया जाना बाकी है।”
उन्होंने ईरान को संदेश देते हुए कहा, “अब ईरान को शांति की राह अपनानी चाहिए। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो भविष्य में होने वाले हमले और भी बड़े और आसान होंगे।”
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा, “लोग इन जगहों के नाम सालों से सुनते आ रहे हैं क्योंकि वहां एक ख़तरनाक और विनाशकारी योजना तैयार हो रही थी।”
अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने अमेरिका की कार्रवाई को पूरी तरह सफल बताया और चेतावनी दी, “या तो अब शांति होगी, या फिर ईरान के लिए एक ऐसी त्रासदी आएगी जो पिछले आठ दिनों में देखी गई घटनाओं से कहीं ज़्यादा बड़ी होगी।”
क्षेत्र में तनाव के बीच ट्रंप का यह बयान एक निर्णायक और चेतावनी भरा संदेश माना जा रहा है।


