अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया यात्रा के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन पहुंच चुके हैं। चीन की राजधानी बीजिंग में वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम शिखर वार्ता करेंगे।
इस वर्ष पुतिन की यह पहली विदेश यात्रा है, जो यह संकेत देती है कि बदलते वैश्विक समीकरणों में चीन की भूमिका कितनी निर्णायक हो चुकी है।
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पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन, रूस के तेल का सबसे बड़ा खरीदार और उसका सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बना हुआ है। ऐसे में पुतिन इस रिश्ते को और अधिक मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
बैठक में उस नई गैस पाइपलाइन परियोजना पर विशेष जोर रहेगा, जिसके जरिए हर साल लगभग 50 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस चीन तक पहुंचाई जा सकेगी। माना जा रहा है कि यह समझौता वैश्विक ऊर्जा राजनीति की दिशा बदल सकता है।
पिछले कुछ महीनों में दुनिया के कई बड़े नेता व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से चीन का दौरा कर चुके हैं। अब पुतिन की यह यात्रा भी उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है, जो दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन की ओर इशारा करती है।



