अमेरिका में श्रमिक दिवस पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
न्यूयॉर्क, शिकागो, वॉशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल समेत कई शहरों में श्रमिक दिवस (लेबर डे) के अवसर पर हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कामगारों के लिए जीने लायक न्यूनतम वेतन (लिविंग वेज) की मांग की।
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न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग
‘वन फेयर वेज’ संगठन के नेतृत्व में हुए इस विरोध का मुख्य मुद्दा कम वेतन रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा संघीय न्यूनतम मजदूरी $7.25 प्रति घंटा किसी भी कामगार के लिए पर्याप्त नहीं है। न्यूयॉर्क में ट्रंप टॉवर के बाहर लोगों ने “ट्रंप मस्ट गो नाउ” के नारे लगाए, जबकि शिकागो में “नो नेशनल गार्ड” और “लॉक हीम अप” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
प्रवासी नीति और सामाजिक असमानता पर सवाल
वॉशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारियों ने “आईसीई को रोको” और “फ्री डीसी” जैसे बैनरों के जरिए प्रवासी नीतियों का विरोध किया। वहीं कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में लोकतंत्र, श्रमिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं खतरे में हैं।
महिलाओं और युवाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
पश्चिमी तट पर अरबपतियों के खिलाफ प्रदर्शन
सैन डिएगो, सिएटल, पोर्टलैंड और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों ने “बिलियनेयर टेकओवर रोको” जैसे नारे लगाए। यहां संघों और श्रमिक संगठनों ने रैलियां निकालकर आरोप लगाया कि अरबपति वर्ग कामगारों का हक छीन रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।


