अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय चीन की यात्रा पर हैं। इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक बयान को लेकर उन्होंने बड़ा दावा करते हुए लंबा संदेश जारी किया है। ट्रंप ने कहा कि जब शी जिनपिंग ने अमेरिका को “ढलता हुआ देश” बताया था, तब उनका इशारा वर्तमान अमेरिका की ओर नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के शासनकाल की तरफ था।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखे संदेश में बाइडन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा। खुली सीमाओं, बढ़ते अपराध, ऊंचे कर और गलत व्यापार समझौतों ने देश को कमजोर कर दिया था।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने केवल सोलह महीनों में अमेरिका को फिर से मजबूत बना दिया है। ट्रंप के अनुसार, देश ने आर्थिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में तेज प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शेयर बाज़ार नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है, रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं और दुनिया भर से भारी निवेश अमेरिका में आ रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि लगभग अठारह लाख करोड़ डॉलर का निवेश अमेरिका की ओर बढ़ रहा है और देश का रोजगार बाज़ार इतिहास के सबसे मजबूत दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने ईरान और वेनेज़ुएला से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका अब पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली स्थिति में है।
अपने संदेश में ट्रंप ने यह दावा भी किया कि शी जिनपिंग ने उनकी सरकार की उपलब्धियों की सराहना की है। उन्होंने लिखा कि “दो वर्ष पहले अमेरिका सचमुच पतन की ओर बढ़ रहा था और इस बात पर मैं शी जिनपिंग से सहमत हूं। लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे चर्चित, शक्तिशाली और प्रभावशाली देश बन चुका है।”
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन के संबंध और अधिक मजबूत हो सकते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग ने वास्तव में ऐसा कोई बयान दिया है या नहीं।
इस बीच शी जिनपिंग ने गुरुवार को अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विचार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है और सवाल यह है कि क्या चीन और अमेरिका टकराव की राह से बचकर संबंधों का नया मार्ग बना सकते हैं।



