गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आग-बबूला हुआ बांग्लादेश, कहा-हमारे नागरिकों के बारे में ऐसी टिप्पणी न करें

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नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर बांग्लादेश की सरकार आग-बबूला हो गई है। बांग्लादेश ने भारत सरकार से वहां के लोगों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी है। इस संबंध में बांग्लादेश ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग को एक पत्र भी सौंपा है।

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भारत की ओर से लगातार बयान दिया जाता है, लेकिन यह पहली बार है कि उसने इस तरह से विरोध जताया है। हाल ही में झारखंड के बोकारो में आयोजित एक रैली में गृह मंत्री शाह ने कहा था कि झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। वे हमारी बेटियों से शादी कर रहे हैं और जमीन हड़प रहे हैं। शाह ने कहा कि यदि इसी तरह से चलता रहा तो आने वाले समय में ये लोग बहुमत में जाएंगे। एक बार हमें सत्ता देकर देखिए हम सभी घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।

उनके इस बयान पर बांग्लादेश की मुहम्मद यूनुस वाली अंतरिम सरकार ने कड़ी आपत्ति ली है। बांग्लादेश ने कहा है कि वहां के नागरिकों के बारे में इस तरह की टिप्पणी ना की जाए। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायोग को एक विरोध पत्र भी सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से बांग्लादेश ने कहा है कि पड़ोसी देश के जिम्मेदार लोगों की तरफ से आने वाले इस तरह के बयान दो मित्र देशों के बीच आपसी समझ की भावना को कमजोर करते हैं। गृह मंत्री ने बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर क्या कहा?

देश के कई राज्यों में है घुसपैठियों की समस्या

भारत में बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या लंबे समय से हैं। कई राज्यों की सीमा से लगे होने के कारण बांग्लादेश से आसानी से घुसपैठिए भारत में आकर बस जाते हैं। कई राजनीतिक दल इन्हें अपना वोट बैंक भी बना चुके हैं। कुछ साल पहले तत्कालीन गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि भारत के अंदर करीब 2 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए विभिन्न राज्यों में रहते हैं। ताजा आंकड़ा इससे काफी ज्यादा होगा। हाल ही में बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद भी वहां से लोगों का पलायन जारी है।

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