आईएसआईएस-खुरासान के बढ़ते खतरे पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की गहरी चिंता
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अपनी जड़ें जमाने के बाद अब आईएसआईएस-खुरासान यूरोप और अफ्रीका में भी अपने पैर पसार रहा है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने इस बढ़ते खतरे पर गहरी चिंता जताते हुए वैश्विक सहयोग, कड़े प्रतिबंध और आतंकियों की फंडिंग पर लगाम लगाने की जरूरत पर जोर दिया है।
अमेरिका की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने कहा कि आईएसआईएस-खुरासान की नई भर्ती और हमले करने की क्षमता बेहद चिंताजनक है। अमेरिकी मिशन की कार्यवाहक राजदूत डोरोथी शिया ने कहा आतंकवाद से निपटना अमेरिका की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है, और हम आईएसआईएस समेत सभी आतंकी संगठनों के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधी कार्यालय के प्रमुख व्लादिमीर वोरोंकोव ने चेतावनी दी कि आईएसआईएस-खुरासान न केवल अफगानिस्तान और मध्य एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस संगठन के समर्थक यूरोप में हमलों की साजिश रच रहे हैं और मध्य एशिया से नए आतंकियों की भर्ती कर रहे हैं।
भारत की भूमिका और ‘दिल्ली घोषणा’
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधी समिति (CTC) की कार्यकारी निदेशक नतालिया गेरमैन ने भारत की 2021-22 की सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के दौरान उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत की अध्यक्षता में ‘दिल्ली घोषणा’ को अपनाया गया था, जिसमें नई और उभरती तकनीकों के जरिये आतंकी फंडिंग रोकने पर जोर दिया गया था।
अफ्रीका में आईएसआईएस का खतरा
अमेरिकी राजदूत डोरोथी शिया ने कहा कि आईएसआईएस-सोमालिया, आईएसआईएस-साहेल और आईएसआईएस-पश्चिम अफ्रीका अब अफ्रीका में अस्थिरता का बड़ा कारण बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहयोग और कड़े प्रतिबंधों के बिना इन आतंकवादी संगठनों को रोकना मुश्किल होगा।
संयुक्त राष्ट्र का आह्वान
संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी वोरोंकोव ने सभी देशों से अपील की कि आतंकवाद का खतरा लगातार बढ़ रहा है, और इसे अकेले कोई एक देश खत्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सभी देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है, क्योंकि आतंकी समूह लगातार अपनी रणनीतियां बदल रहे हैं और नए खतरे पैदा कर रहे हैं।
आईएसआईएस-खुरासान का बढ़ता प्रभाव दुनिया भर के लिए खतरा बनता जा रहा है। इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आर्थिक प्रतिबंध, और सख्त सुरक्षा रणनीतियों की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने सभी देशों से अपील की है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता दिखाएं और इसके वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करें।
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