रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस के ताजा और भीषण हवाई हमले ने न केवल कई लोगों की जान ले ली, बल्कि यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को रूस ने कीव सहित देश के कई हिस्सों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 बचावकर्मी भी शामिल हैं। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
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हमले का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि 11वीं शताब्दी में स्थापित और यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त ‘कीव पेचेर्स्क लावरा’ मठ भी हमले की चपेट में आ गया। हमले के बाद ऐतिहासिक परिसर में आग लग गई, जिससे इसकी कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है
कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने बताया कि यह यूक्रेन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर गंभीर आघात है। वहीं यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको ने इस हमले को लोगों और ऐतिहासिक धरोहर पर सीधा हमला बताया।

हमले के बाद मठ परिसर से उठती आग की ऊंची लपटों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। कई स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा के लिए भूमिगत बंकरों में शरण लेनी पड़ी।
लाखों लोग प्रभावित, बिजली आपूर्ति ठप
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमलों में कई रिहायशी इमारतें, बाजार और नागरिक ढांचे प्रभावित हुए हैं। करीब 1.40 लाख लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। आपातकालीन सेवाएं लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्कीव में भी रूस के हमलों का असर देखने को मिला। वहां एक हमले में आपातकालीन सेवा के 5 कर्मियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। सुमी क्षेत्र में भी एक बच्चे सहित कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

G7 बैठक से पहले बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने फ्रांस में होने वाली G7 बैठक से पहले युद्ध समाप्त करने के संभावित प्रयासों पर चर्चा की थी।
विश्लेषकों का मानना है कि ताजा हमले शांति प्रयासों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत हो सकते हैं। वहीं यूक्रेन ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

UNESCO और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर पर हुए इस हमले को लेकर यूक्रेन जल्द ही यूनेस्को और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग करेगा। वहीं यूरोपीय देशों ने भी हमलों पर चिंता व्यक्त की है।
इस बीच, पड़ोसी देश पोलैंड ने संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए कुछ समय के लिए अपने लड़ाकू विमानों को अलर्ट पर रखा, हालांकि बाद में किसी हवाई उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई।
रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन दोनों पक्ष इन आरोपों से इनकार भी करते हैं। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि करना फिलहाल मुश्किल बना हुआ है।
तीन साल से अधिक समय से जारी इस युद्ध में यह हमला एक बार फिर दिखाता है कि संघर्ष केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर ऐतिहासिक धरोहरों, आम नागरिकों और वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।



