ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस समझौते में ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में पेजेश्कियान ने कहा, “यदि समझौते के सभी प्रावधानों को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो यह दस्तावेज ईरान के लिए गर्व का विषय बन सकता है।”
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दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के साथ हुए इस बहुचर्चित समझौते पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। मार्च में अपने पिता आयतुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी बनने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से भी नजर नहीं आए हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

उधर, अमेरिका के साथ बातचीत में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने इस समझौते को “अंतिम जीत की दिशा में एक बड़ा कदम” बताया। उन्होंने ईरानी जनता के ऐतिहासिक प्रतिरोध और सशस्त्र बलों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि इसी दृढ़ता ने देश को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या यह समझौता मध्य पूर्व की राजनीति में नया अध्याय लिखेगा, या इसके पीछे अभी और बड़े खुलासे होना बाकी हैं?
आपकी राय क्या है? क्या ईरान-अमेरिका समझौता क्षेत्र में स्थिरता लाएगा, या भविष्य में नए विवादों की शुरुआत करेगा? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।



