चेन्नई। तमिलनाडु में चुनाव परिणाम आने के बाद बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुए हैं। कांग्रेस ने डीएमके के साथ लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन को तोड़ दिया है। अब कांग्रेस थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अपन समर्थन दे रही है।
सभी चुनावों में रहेंगे साथ
कांग्रेस ने कहा कि टीवीके के साथ उसका गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय संगठनों, लोकसभा और राज्यसभा के भावी चुनावों के लिए भी है। तमिलनाडु में टीवीके को समर्थन देने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या केंद्र में ‘इंडिया ब्लॉक’ में कांग्रेस डीएमके के साथ रहेगी या नहीं। अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- तमिलनाडु में अवैध मतदान का बड़ा खुलासा, विदेश भागने से पहले 17 विदेशी नागरिक गिरफ्तार
- तमिलनाडु विधानसभा में विजय ने साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन
- तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल: एआईएडीएमके में फूट, विजय की सरकार को मिला समर्थन
- तमिलनाडु में शपथ के दौरान ही भाषण देने लगे विजय, राज्यपाल को टोकना पड़ा, पहले ही दिन कर दिए कई ऐलान
विजय ने कांग्रेस से मांगा था समर्थन
कांग्रेस ने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की थी। यह फैसला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की बैठक के बाद लिया गया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि टीवीके अध्यक्ष विजय ने कांग्रेस से औपचारिक रूप से समर्थन मांगा था।
सांप्रदायिक ताकतों को शामिल न करने की शर्त
गिरीश चोडणकर ने कहा कि तमिलनाडु की जनता खासकर युवाओं ने साफ और मजबूत जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है। कांग्रेस ने इस जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके को ‘पूर्ण समर्थन’ देने का फैसला लिया है। पार्टी ने यह भी साफ किया है कि यह समर्थन एक शर्त के साथ होगा। कांग्रेस ने कहा कि इस गठबंधन में ऐसी किसी भी ‘सांप्रदायिक ताकत’ को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जो भारत के संविधान में भरोसा नहीं रखती हो।


