नई दिल्ली। संघ प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने की सलाह वाले बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को दिेए इस बयान पर कई विपक्षी पार्टियों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर दी थी। अब कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी हमला किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी अपनी बेटियों की शादी बेरोजगार पुरुषों से नहीं करना चाहता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम खरगोश हैं जो बार-बार बच्चे पैदा करें?
रेणुका ने कहा कि देश में बेरोजगार पुरुष शादी नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि कोई भी अपनी बेटी की शादी ऐसे शख्स से नहीं करना चाहता जो बेरोजगार हो। उनके पास रोजगार नहीं है। वे अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे? बुजुर्ग माता-पिता अब भी अपने बच्चों का ध्यान रख रहे हैं और वे कह रहे हैं कि और बच्चे पैदा करो। क्या हम खरगोश हैं, जो बार-बार बच्चे पैदा करें? जो ऐसा कह रहे हैं, वे खुद कितने बच्चों का पालन कर सकते हैं? कांग्रेस सांसद ने कहा कि आज अगर कोई बीमार हो जाता है और अस्पताल में भर्ती होता है तो इलाज के खर्च बहुत अधिक होते हैं।
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भागवत ने गिरती जनसंख्या पर जताई थी चिन्ता
रविवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवात ने कहा था कि भारत में गिरती जनसंख्या एक गंभीर चिंता का विषय है। जनसांख्यिकीय अध्ययनों से पता चलता है कि जब किसी समाज की कुल प्रजनन दर 2.1 से नीचे गिरती है, तो वह समाज धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंच जाता है। कई भाषाएं और संस्कृतियां इस मुद्दे के कारण पहले ही खत्म हो चुकी हैं। इसलिए प्रजनन दर 2.1 से ऊपर बनाए रखना आवश्यक है। इसी संदर्भ में उन्होंने दो से अधिक बच्चे पैदा करने की बात कही थी।


