नई दिल्ली। हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस साथ-साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों दलों के बड़े नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत से इस बात के संकेत मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी गठबंधन को लेकर जहां पार्टी नेताओं से बातचीत कर रहे हैं, वहीं आप ने भी कांग्रेस के साथ जाने से इनकार नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों में पार्टी के भीतर हलचलों को लेकर इस बात की चर्चा इसलिए जोरों पर है क्योंकि हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने मंगलवार को पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी आम आदमी पार्टी के साथ आगे गठबंधन को लेकर बातचीत करेगी, बाबरिया ने कहा कि कुछ बातचीत तो हो रही है, लेकिन अभी कुछ निश्चित नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का भी ऐसा ही बयान आया है। उन्होंने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं और हमारी प्राथमिकता भाजपा को हराना है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Jantar Mantar Protest पर सियासी संग्राम! मनीष सिसोदिया का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- ‘युवाओं की आवाज से क्यों घबरा गई कांग्रेस?’
- मध्यप्रदेश में कहीं फेल न हो जाए राहुल गांधी का ‘नटराजन दांव’, अंतिम समय भाजपा कर सकती ‘खेला’
- Rajya Sabha Election : कांग्रेस का बड़ा दांव, पवन खेड़ा को मिला राज्यसभा टिकट
- राज्यसभा के लिए कमलनाथ सहित अन्य नेताओं की नहीं गली दाल, मध्यप्रदेश से राहुल गांधी की पसंद मीनाक्षी नटराजन को मिला मौका
सर्वे में कांग्रेस की स्थिति मजबूत
कांग्रेस पार्टी के खुद के सर्वे में हरियाणा में उसकी स्थिति मजबूत है। इसके बावजूद गठबंधन के पीछे विपक्ष का वोट नहीं बंटने देने की कोशिश है। कांग्रेस-आप ने चंडीगढ़ में नगर निगम और लोकसभा चुनाव जीता था। दोनों ही पार्टियां फिर यही फॉर्मूला दोहराना चाहती हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने हरियाणा के नेताओं से इस बारे में पूछा है और गठबंधन के लिए केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में दीपक बाबरिया, अजय माकन और भूपेंद्र हुड्डा की कमेटी बनाई है।
लोकसभा में किया था गठबंधन
उल्लेखनीय है कि राज्य में दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन किया था। राज्य की कुल 10 सीटों में से कांग्रेस ने 9 और आप ने 1 सीट पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस 5 सीटें जीतीं, लेकिन आप कुरूक्षेत्र सीट हार गई थी। सूत्र बताते हैं कि अगर गठबंधन हुआ तो सीट बंटवारे को लेकर लोकसभा चुनाव वाला फॉर्मूला ही अपनाया जा सकता है।
क्यों साथ आना चाहती हैं दोनों पार्टियां
गुजरात में आप और कांग्रेस अलग-अलग लड़ी थीं, जहां कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ। कांग्रेस ऐसा नहीं चाहती। पंजाब में आप सरकार है। इसका असर हरियाणा की कुछ सीटों पर पड़ सकता है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में उम्मीद से अधिक सफलता के बाद राहुल विपक्षी एकता को बरकरार रखना चाहते हैं। यही वजह है कि कांग्रेस का झुकाव गठबंधन की तरफ हो रहा है।


