मानसून की मार: दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और जम्मू में बाढ़ जैसे हालात
देश में इस वक्त मानसून अपने चरम पर है। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और जम्मू में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं बाढ़ ने तबाही मचाई है, तो कहीं लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

दिल्ली में बाढ़ का खतरा
हरियाणा से रिकॉर्ड पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया है कि शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचेगा और सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।
पंजाब: 3 लाख एकड़ कृषि भूमि डूबी
पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से करीब 3 लाख एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इससे फसल को भारी नुकसान हुआ है।

राजस्थान: हनुमानगढ़ में बाढ़ जैसे हालात
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सरकारी दफ्तरों और घरों में पानी भर गया है। मक्कासर इलाके में आपदा प्रबंधन दल ने फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं बीकानेर में कच्चा घर गिरने से एक महिला की मौत हो गई। मौसम विभाग ने सितंबर के पहले हफ्ते में भारी वर्षा जारी रहने की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड और मुंबई में तबाही
उत्तराखंड के चमोली जिले में मलारी राजमार्ग पर रविवार तड़के तेज बारिश से पुल बह गया। वहीं मुंबई में लगातार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जम्मू: रेल सेवाएं प्रभावित
बारिश और बाढ़ की वजह से जम्मू रूट की कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस, श्री शक्ति एक्सप्रेस और जम्मू राजधानी एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कठुआ और माधोपुर के बीच ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसे ठीक करने का काम जारी है।
सेना का राहत अभियान
सेना की पश्चिमी कमान जम्मू, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी है। अब तक 5,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है और जरूरतमंदों तक 21 टन से ज्यादा राहत सामग्री पहुंचाई गई है।


