पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
राज्य की कुल 294 सीटों में से आधे से अधिक हिस्से को कवर करने वाला यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें लगभग 1.85 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिलाएं और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी यह चरण बेहद सख्त है। करीब 2.5 लाख जवानों वाली केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,450 कंपनियां तैनात की गई हैं। वहीं, 8,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से यह चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। यही क्षेत्र 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की मजबूती का आधार बना था और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इसने तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी।
2021 के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो इन 152 सीटों में से 59 सीटें भारतीय जनता पार्टी और 93 सीटें तृणमूल कांग्रेस के खाते में गई थीं।
अब सभी की निगाहें अगले चरण पर हैं, जहां 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, चुनाव परिणामों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।


