ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कहा है कि उनका देश बातचीत और समझौते का हमेशा स्वागत करता है, लेकिन लगातार दी जा रही धमकियां इस प्रक्रिया में बड़ी रुकावट बन रही हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका दूसरी दौर की वार्ता की इच्छा जता रहा है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ईरान पहले भी संवाद के पक्ष में था और आगे भी रहेगा, लेकिन वादाखिलाफी, प्रतिबंध और धमकियां किसी भी बातचीत को कमजोर कर देती हैं।
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उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी दुनिया उसके बयानों और असल कामों के बीच के अंतर को देख रही है।
इस बीच, इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता रद्द हो गई, क्योंकि ईरान ने इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाई। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को और उजागर करता है।


