वायनाड; प्राकृतिक आपदा,ऋण माफ़ी और राजनीतिक टकराव
कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा केरल उच्च न्यायालय में दिए गए उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित लोगों के ऋण माफ़ करने से इनकार किया गया है।
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प्रियंका गांधी: यह राहत नहीं, विश्वासघात है
प्रियंका गांधी ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा, “यह विश्वासघात है। हम इस उदासीनता की कड़ी निंदा करते हैं और वायनाड के अपने भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भूस्खलन पीड़ितों ने अपना घर, ज़मीन, और आजीविका सब कुछ खो दिया है, फिर भी सरकार केवल ऋण पुनर्निर्धारण और पुनर्गठन का सहारा दे रही है, जबकि उन्हें पूर्ण ऋण माफी की आवश्यकता है।
कोर्ट में केंद्र का जवाब: ऋण माफी नहीं, केवल पुनर्गठन
दरअसल, केरल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या भूस्खलन से प्रभावित लोगों के ऋण माफ किए जा सकते हैं। इस पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया कि ऋण माफी संभव नहीं है, लेकिन आरबीआई के मास्टर निर्देशों के तहत ऋणों को पुनर्निर्धारित या पुनर्गठित किया जाएगा।
आरबीआई के दिशा-निर्देश क्या कहते हैं?
केंद्र ने हलफनामे में बताया कि 19 अगस्त 2023 को केरल राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की विशेष बैठक में यह तय किया गया था कि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आरबीआई के मास्टर निर्देशों के अनुसार राहत दी जाएगी। इन निर्देशों के तहत:
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मौजूदा ऋणों को एक साल की मोहलत के साथ पुनर्गठित किया जाएगा।
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ज़रूरतमंदों को नए ऋणों की सुविधा दी जा सकती है।
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ऋण माफी की कोई व्यवस्था नहीं है।


