लखनऊ। बरेली में हुई हिंसा को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू। लेकिन हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियां दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी। व्यवस्था को रोकने का ये कैसा तरीका है?
योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले यूपी में यही चलन था, लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू तक नहीं लगने दिया। उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी यहीं से शुरू होती है। पहले दंगाइयों को मुख्यमंत्री के आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था, पेशेवर अपराधी माफियाओ के सामने सत्ता सैल्यूट करती थी। सत्ताधारी लोग उनके कुत्तों से हाथ मिलाया करते थे, आपने देखा होगा कैसे सत्ता का मुखिया एक माफिया के कुत्ते से हाथ मिलाकर अपने को गौरवांवित महसूस कर रहा था।
👉 यह भी पढ़ें:
- शंकराचार्य पद की मर्यादा सर्वोपरि’: माघ मेले विवाद पर सीएम योगी का जवाब, सपा ने उठाए सवाल
- राष्ट्रीय युवा दिवस पर बोले यूपी के सीएम योगी- बल, बुद्धि होने के बाद भी भारत ने कभी किसी को गुलाम नहीं बनाया
- सीएम योगी का अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना, बिना नाम लिए कहा-देश में दो नमूने, एक दिल्ली में एक लखनऊ में
- यूपी के सीएम योगी ने जनता को लिखी चिट्ठी-रोहिंग्या और घुसपैठिए बर्दाश्त नहीं, इन्हें घर या व्यवसाय में काम पर नहीं रखें
- बिहार में योगी आदित्यनाथ ने राजद-कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा-जिन्होंने चारा खाया, जमीन हड़पी, वे कर रहे नौकरी की बात
- मोतिहारी में बोले यूपी के सीएम योगी-बिहार को अब लालटेन की जरूरत नहीं, एनडीए की एलईडी चाहिए
वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो जाति के नाम पर भड़काते हैं, उन्हीं के लिए हमने बुलडोज़र बनाया था। हम वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दे रहे हैं। उन लोगो ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब बेईमान और भ्रष्ट लोग सत्ता में आते हैं, तो वे उस सत्ता का शोषण और दुरुपयोग करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट पैदा हो गया था।



