अमेरिका ने कहा – भारत अपने फैसले खुद लेता है, रूसी तेल खरीद पर कोई निर्देश नहीं दे रहा है
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि भारत एक संप्रभु देश है और अपने फैसले खुद लेता है। अमेरिका किसी भी देश को यह नहीं बताता कि उन्हें किसके साथ संबंध रखने चाहिए या किससे व्यापार करना चाहिए।
👉 यह भी पढ़ें:
- Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने सोने से लेकर पेट्रोल तक पर की चर्चा, नांदेड़ की एक शादी का किस्सा भी सुनाया
- UNICEF Report 2026: Climate Change का सबसे बड़ा शिकार बन रहे भारत के बच्चे! 97% बच्चे कई जलवायु खतरों की चपेट में
- Climate Change Alert: क्या भारत का मानसून बन जाएगा ‘साइलेंट किलर’? IIT Study में चौंकाने वाला खुलासा, 70 करोड़ लोग खतरे में!
- Hormuz Strait Update: भारत के लिए राहत की खबर! 30 जहाज सुरक्षित पार, 26 अभी भी इंतजार में | Oil Supply और LNG Cargo पर दुनिया की नजर
- Iran Travel Advisory: भारत ने जारी किया हाई अलर्ट! ईरान जाने से बचें भारतीय, दूतावास ने जारी की नई चेतावनी और इमरजेंसी हेल्पलाइन
- Telegram Ban in India: NEET UG Re-Exam के बाद हटा टेलीग्राम बैन, लेकिन क्यों नहीं चल रहे कुछ अकाउंट? जानिए पूरा मामला

एक चर्चा के दौरान ग्रीर ने कहा,भारत ने हमेशा इतना रूसी तेल नहीं खरीदा है। रूस के साथ उनके ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में उन्होंने न केवल अपनी जरूरतों के लिए बल्कि रिफाइनिंग और बेचने के लिए भी रूस से कम कीमत पर तेल खरीदना शुरू किया है।”
ग्रीर ने आगे कहा कि भारत अब अपनी ऊर्जा खरीद में विविधता लाने की दिशा में काम कर रहा है।ऐसा नहीं है कि रूसी तेल भारतीय अर्थव्यवस्था का कोई आधार है। हमें लगता है कि भारत अपनी तेल खरीद में विविधता ला सकता है — और ला रहा है। मुझे लगता है कि वे इसे भली-भांति समझते हैं।”
उन्होंने दोहराया कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप निर्णय लेता है।



