न्यायपालिका का सम्मान, लेकिन निर्णय स्वीकार नहीं ;ममता
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में 25,000 स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका का सम्मान है, लेकिन इस निर्णय को स्वीकार नहीं कर सकतीं।
ममता बनर्जी का बयान
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा, “मैं न्यायपालिका और न्यायाधीशों का बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
नौकरी गंवाने वालों से मुलाकात करेंगी ममता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उन लोगों से मिलेंगी, जिन्होंने इस फैसले के कारण अपनी नौकरी खो दी है। उन्होंने कहा, “मैं उनसे कहूंगी कि वे उम्मीद न खोएं। मैं 7 अप्रैल को नेताजी इंडोर स्टेडियम में उनसे मिलूंगी और मानवीय आधार पर उनका समर्थन करूंगी।”
भाजपा पर तीखा हमला
ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया, “व्यापम घोटाले में कितने भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया गया? क्या भाजपा पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त करना चाहती है?” उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पहले ही जेल में हैं।
गिरफ्तारी की चुनौती
ममता बनर्जी ने कहा, “अगर भाजपा इस कदम के लिए मुझे जेल भेजना चाहती है, तो वे भेज सकते हैं। अगर आप इसके लिए तैयार हैं तो मुझे पकड़ लें।” उनकी इस प्रतिक्रिया ने मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है।
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