नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को 11 वीं बार लाल किले पर राष्ट्रध्वज फहराकर देश को संबोधन देंगे। इस तरह वे दो प्रधानमंत्रियों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के नाम यह रिकॉर्ड रहा है।
उल्लेखनीय है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लगातार 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। वहीं जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी ने 16 बार देश को संबोधित किया था। इंदिरा गांधी के भाषणों में से 11 लगातार थे। गुरुवार इस बार जब प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करेंगे तब वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पीछे छोड़ देंगे जिन्होंने अपने कार्यकाल में 10 बार स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। मोदी ने 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस के भाषण में स्वच्छ भारत और जनधन खातों जैसी बड़ी योजनाओं की शुरुआत की थी। उसके बाद से लगातार उनके भाषण में किसी न किसी मुद्दे की चर्चा जरूर होती है।
👉 यह भी पढ़ें:
- World Environment Day: PM मोदी का बड़ा संदेश, ग्रीन इंडिया को लेकर कही अहम बात
- Subhash Kashyap Death News: PM Modi समेत देश के शीर्ष नेताओं ने जताया शोक
- पीएम मोदी ने दी बकरीद की मुबारकबाद, कहा- “देश में भाईचारा और खुशियां हों मजबूत”
- स्वीडन ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान, विश्व मंच पर बढ़ा भारत का गौरव
गुजराल के बाद मोदी का भाषण सबसे लंबा
पीएम मोदी के नाम स्वतंत्रता दिवस पर सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनके भाषणों की औसत अवधि 82 मिनट की रही है। पूर्व प्रधानमंत्री आई के गुजराल 71 मिनट के औसत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह आंकड़ा उनके 1997 में दिए गए एकमात्र भाषण पर आधारित है। 2017 में पीएम मोदी ने सबसे छोटा 55 मिनट का भाषण दिया था। सबसे लंबा भाषण 2016 में 94 मिनट का था। 1947 में नेहरू का पहला भाषण केवल 24 मिनट का था। मोदी से पहले इंदिरा गांधी के नाम सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड था। उन्होंने 1972 में 54 मिनट का भाषण दिया था।


