छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का 21 सूत्रीय कार्ययोजना का प्रस्ताव
बिम्सटेक को बताया वैश्विक भलाई का मंच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह समूह वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि बिम्सटेक को मजबूत किया जाए और आपसी संबंधों को और गहरा किया जाए।
21 सूत्रीय कार्ययोजना का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में 21 सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा, जिसमें बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम बिंदु शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्ययोजना समूह के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगी।
यूपीआई को बिम्सटेक भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को बिम्सटेक देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का प्रस्ताव भी रखा। उनका मानना है कि इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को सभी स्तरों पर लाभ होगा।
बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना का सुझाव
पीएम मोदी ने बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना का सुझाव भी दिया, ताकि सदस्य देशों के व्यापारिक और आर्थिक जुड़ाव को और अधिक मजबूत किया जा सके।
युवा शक्ति और मानव संसाधन विकास पर जोर
कार्ययोजना में “बोधि” नामक बिम्सटेक पहल की भी घोषणा की गई, जिसके तहत हर साल बिम्सटेक देशों के 300 युवाओं को भारत में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल क्षमता निर्माण के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर पायलट अध्ययन
प्रधानमंत्री ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के अनुभव साझा करने और बिम्सटेक देशों की आवश्यकताओं को समझने के लिए एक पायलट अध्ययन का भी प्रस्ताव दिया।
बिम्सटेक को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का आह्वान
पीएम मोदी ने कहा, “आइए, हम आईटी क्षेत्र की समृद्ध क्षमताओं का दोहन करें और बिम्सटेक को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाएं। हम सभी एक-दूसरे से सीखेंगे और मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
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