नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने किए अनुभव साझा
अंतरिक्ष से लौटने के बाद अनुभव साझा
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर ने पृथ्वी पर लौटने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में बिताए गए समय और वापस धरती पर लौटने के अपने अनुभव साझा किए।

सुनीता विलियम्स ने कहा, “यह सच में एक चमत्कार जैसा है कि हमारा शरीर कैसे बदलाव के साथ खुद को ढाल लेता है। जब मैं पहले दिन वापस आई, तो हम सभी थोड़ा लड़खड़ा रहे थे। यह कमाल की बात है कि सिर्फ 24 घंटों में हमारा नर्वस सिस्टम काम करने लगता है और हमारा दिमाग समझ जाता है कि क्या हो रहा है।”
भारत के प्रति भावनाएं व्यक्त
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे भारत के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने भाव प्रकट करते हुए कहा, “भारत एक शानदार देश है। हर बार जब हम हिमालय के ऊपर से गुजरे, तो बुच विलमोर ने वहां के कुछ बेहद खूबसूरत नज़ारे अपने कैमरे में कैद किए।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें भारत आने की उम्मीद है और यह उनके लिए एक खास अनुभव होगा।
अंतरिक्ष में महत्वपूर्ण अनुसंधान
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर 286 दिनों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर रहे। इस दौरान उन्होंने 900 घंटों तक वैज्ञानिक रिसर्च की और 150 से अधिक प्रयोग पूरे किए। उनका योगदान अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुनीता विलियम्स का यह मिशन न केवल विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अहम रहा, बल्कि उनके अनुभव और भारत के प्रति उनके विचार भी चर्चा का विषय बने।
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