इंदौर। तपते इंदौर में जलसंकट गहराता जा रहा है। लोग त्रस्त हैं। यही वजह है कि जनता से लेकर विधायक तक परेशान हैं। पांच नंबर विधानसभा के विधायक महेंद्र हार्डिया ने तो इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर जमकर नाराजी जाहिर की थी। अब महापौर भार्गव का कहना है कि 2013 में नर्मदा का तीसरा चरण आया था। इसके बाद 2013 से 2020 के बीच नर्मदा का पानी लाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इसकी वजह से परेशानी आ रही है।
मोघे और गौड़ ने नहीं किया कुछ काम!
महापौर भार्गव का मतलब साफ है कि उनसे पूर्व के महापौर कृष्णमुरारी मोघे और मालिनी गौड़ ने नर्मदा का पानी इंदौर लाने के कोई प्रयास नहीं किए। 2009 में कृष्णमुरारी मोघे तथा 2015 में मालिनी गौड़ महापौर बनी थीं। दोनों भाजपा के ही महापौर थे और शहर से बहुत अच्छे से जुड़े नेता माने जाते हैं। लेकिन, महापौर भार्गव के अनुसार उन दोनों ने कोई काम नहीं किया। मालिनी गौड़ का कार्यकाल तो 2020 तक का ही रहा था।
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महापौर ने कहा-चौथा चरण लेकर आए
महापौर भार्गव ने कहा कि उन्होंने पानी की चिन्ता की और नर्मदा के चौथे चरण के लिए प्रयास किए। अब उसका काम भी शुरू हो चुका है। महापौर ने कहा कि अगर 2013 से 2020 के बीच प्रयास किया गया होता तो आज ऐसी विकट परिस्थिति नहीं आती।
विधायक महेंद्र हार्डिया ने दिखाया था आईना
महापौर भार्गव को ऐसा लगता है कि वे सबसे अच्छा काम करते हैं। ऐसे में जब विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया ने पानी की स्थिति को लेकर महापौर को आईना दिखाया तो वे भड़क गए। हार्डिया ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर उनके क्षेत्र में जलसंकट दूर नहीं हुआ तो वे महापौर हाउस के बाहर धरना देंगे।
पटरी से उतरी मिश्राजी की समझौता एक्सप्रेस
भाजपा नेताओं के बीच समझौता एक्सप्रेस चलाने वाले सुमित मिश्रा ने बुधवार को महेंद्र हार्डिया और महापौर भार्गव के बीच समझौता कराया था। दोनों को गले मिलवाकर सोशल मीडिया पर समझौता कराने का दावा किया था, लेकिन ऐसा लगता है कि समझौता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई।
हार्डिया के आरोपों को गलत बताया
महापौर भार्गव ने विधायक हार्डिया के पानी में भेदभाव के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सबको बराबर पानी दिया जा रहा है। चाहें तो बाबा मूसाखेड़ी कंट्रोल रूम में आकर मॉनिटरिंग कर लें। महापौर ने कहा कि अगर शहर की टंकियों में कहीं पानी कम आ रहा है तो सभी जगह ऐसा ही है। पानी का पूरा हिसाब है। महापौर ने विधानसभा पांच में टंकियों के मामले में भेदभाव के आरोप को भी गलत बताया।



