कोलकाता। टीएमसी के बैंक अकाउंट फ्रीज होने के मामले में ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पार्टी को हर दिन के खर्च के लिए बैंक खातों को ऑपरेट करने की इजाजत दे दी है। इसके लिए एक शर्त भी रखी गई है। पार्टी को कोर्ट द्वारा नियुक्त एक अधिकारी की निगरानी में बैंक अकाउंट ऑपरेट करना होगा।
कोर्ट ने पुलिस से जल्दबाजी में की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल किया. कोर्ट ने कहा कि वह खातों को फ्रीज करने के आदेश देने के लिए दिखाए गए सबूतों से संतुष्ट नहीं है। पुलिस सबूत ढूंढने में भी सफल नहीं हो पाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा निर्णय लिए जाने तक टीएमसी का बागी गुट विशेष अधिकारी से संपर्क नहीं कर सकेगा।
बागी गुट ने फ्रीज कराए थे खाते
बिधाननगर पुलिस ने पार्टी फंड के कथित दुरुपयोग की शिकायत मिलने के बाद तीनों बैंक खातों को डेबिट-फ्रीज कर दिया था। यह शिकायत बागी विधायक विश्वनाथ दास ने दर्ज कराई थी। हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को निराधार, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि इससे पार्टी का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ है।
440 करोड़ के बैंक खातों की हो रही जांच
टीएमसी से जुड़े कथित फंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों की जांच शुरू की थी। कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें एक निजी एविएशन कंपनी का दफ्तर भी शामिल है। यह मामला विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए विवादित खातों से जुड़ा है, जिन पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका है।
सुब्रत तालुकदार विशेष अधिकार
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने रिटायर्ड जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर तक विशेष अधिकारी नियुक्त किया। अदालत ने तय किया कि उनकी निगरानी में ही टीएमसी अपने फ्रीज किए गए बैंक खातों का सीमित इस्तेमाल कर सकेगी।अदालत ने साफ कर दिया कि खातों से सिर्फ पार्टी के रोजमर्रा के संचालन और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, ‘स्पेशल ऑफिसर किसी भी अन्य बड़े या छोटे खर्च की अनुमति नहीं देंगे।’ हालांकि राज्य सरकार ने कानूनी खर्चों के लिए रकम निकालने का विरोध किया, लेकिन अदालत ने इसकी भी इजाजत दे दी।



