इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार के खिलाफ पीएमओ तक शिकायत पहुंची। इसके बाद दिल्ली से एक टीम इंदौर आई और जांच कर यहां से रवाना हो गई है। बताया जाता है कि डायरेक्टर साहब को पीएम, सीएम से लेकर सांसद तक का डर नहीं है। वे शिकायतों की कोई परवाह नहीं करते।
बताया जाता है कि हाईकोर्ट एडवोकेट मनोज रायजादा ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), नागरिक उड्डयन मंत्री, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) मुख्यालय और स्थानीय सांसद को शिकायत भेजी थी। पीएमओ से हस्तक्षेप के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जांच शुरू कर दी है।
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भ्रष्टाचार से लेकर अभद्र व्यवहार तक
शिकायत में एयरपोर्ट डायरेक्टर पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, वित्तीय गड़बड़ी और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि डायरेक्टर का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। वे कर्मचारियों को गालियां देने के साथ बार-बार ट्रांसफर की धमकी देते हैं।
कर्मचारियों से की लड़कियां ताड़ने की बात
शिकायत पत्र में डायरेक्टर के व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि एक बैठक के दौरान सुनील मग्गीरवार ने सूट पहनकर पहुंचे ऑपरेशनल अधिकारियों का जमकर अपमान किया। मग्गीरवार ने कहा कि वे काम करने नहीं, बल्कि लड़कियां ताड़ने के लिए सज-धज कर आते हैं।
दिल्ली की टीम ने इंदौर में लिए बयान
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 मई को एएआई की उच्च स्तरीय टीम जीएम सिविल प्रभु सरकार के नेतृत्व में दिल्ली से इंदौर पहुंची। टीम ने दो दिन तक एयरपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके साथ ही कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
टेंडर में भी गड़बड़ी के आरोप
शिकायत में कई तरह की वित्तीय अनियमतिताओं की भी बात कही गई है। आरोप है कि सरकारी गेस्ट हाउस में रहने के बावजूद डायरेक्टर ने मकान किराया भत्ता (एचआरए) लिया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा सिविल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अनावश्यक निर्माण कार्य मंजूर कराने, टेंडरों में पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
सांसद का करीबी समझ एक अधिकारी को हटाया
पीएमओ को भेजी शिकायत में कहा गया है कि डायरेक्टर ने एक बीमार अधिकारी को केवल इसलिए कार्यमुक्त कर दिया गया, क्योंकि उन्हें शक था कि वह सांसद शंकर लालवानी का करीबी है। वह एयरपोर्ट की सारी जानकारी सांसद तक पहुंचाता है। शिकायत के अनुसार डायरेक्टर ने यहां तक कह दिया था कि सांसद लालवानी एयरपोर्ट पर ज्यादा दखल देते हैं, जो मुझे पसंद नहीं है।
सीआईएसएफ से ले लिया निजी गार्ड
शिकायत में डायरेक्टर साहब के कई और कारनामे उजागर किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि उन्होंने सीआईएसएफ से निजी सुरक्षा गार्ड ले लिए। इतना ही नहीं बदले में नियम विरुद्ध मांगें पूरी कराने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मुंबई एयरपोर्ट से आने के बाद निष्क्रिय
सुनील मग्गीरवार मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर होकर सात माह पहले इंदौर आए थे। वे मुंबई एयरपोर्ट की संचार शाखा में जॉइंट जीएम थे। इससे पहले उन्होंने शिमला और जलगांव एयरपोर्ट पर डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उनके आने के बाद से एयरपोर्ट के विकास से लेकर सारी सुविधाओं की रफ्तार कछुए की चाल से चल रही हैं।
एयरपोर्ट का माहौल ही खराब कर दिया
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने इंदौर एयरपोर्ट का माहौल खराब तक दिया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) अधिकारियों को मेडिकल जांच के लिए भोपाल जाना होता है, लेकिन डायरेक्टर ने उन्हें निजी वाहन से यात्रा करने पर रोक लगा दी, जबकि नियमों के तहत अधिकारी इसके पात्र हैं।
कमियां निकालकर बनाते हैं दबाव
डीजीसीए के निरीक्षण को लेकर भी शिकायत में गंभीर बातें कही गई हैं। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर स्वयं एयरपोर्ट अथॉरिटी की कमियां अधिकारियों के सामने उजागर करते हैं। इसके बाद अधिकारियों पर दबाव बनाकर पैसा कमाने की कोशिश करते हैं। डायरेक्टर पर हेल्प यू टेंडर को लेकर आरोप है कि प्रक्रिया में गलती के कारण प्रचालन अनुभाग ने टेंडर निरस्त करने का नोट दिया था, लेकिन डायरेक्टर ने सांठगांठ कर उसे आगे बढ़ाने का दबाव बनाया। बाद में यह टेंडर निरस्त हो गया।


