इंदौर। कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विन जोशी का शुक्रवार को 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। एक जमाने में इंदौर में उनकी तूती बोलती थी। गर्मियों में जब इंदौर में लोग पानी के लिए तरसते थे, तो अश्विन जोशी ने टैंकरों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया। इसीलिए उन्हें लोगों ने पानी वाले बाबा संबोधन दिया।
बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
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लंबे समय तक संभाली चाचा की विरासत
अश्विन जोशी पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता महेश जोशी के भतीजे थे। अश्विनी जोशी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 से तीन बार विधायक रहे। वे अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाते थे। कई बार इसके कारण ही उनकी आलोचना भी हुई, क्योंकि वे मन में कुछ भी नहीं रखते थे। जो कहना होता था मुंह पर बोल देते थे।
छात्र राजनीति से की थी शुरुआत
अश्विन जोशी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। उन्होंने छात्र संघ चुनाव लड़ा और वहां से राजनीति में कदम रखा। चाचा महेश जोशी के कारण कांग्रेस में जल्द ही अश्विन जोशी की पहचान बन गई। अश्विन जोशी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के काफी करीबी माने जाते थे।
भाजपा के लहर में भी जीत गए थे चुनाव
अश्विन जोशी कांग्रेस के एक ऐसे नेता रहे हैं, जो भाजपी की लहर में भी 1998 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत गए थे। जोशी ने भाजपा उम्मीदवार गोपी नेमा को चुनाव हरा दिया। इसके बाद वे लगातार तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे। क्षेत्र में पानी वाले बाबा के नाम से मशहूर थे। तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र में जलसकंट रहता था। वे टैंकरों से वार्डों में पानी बंटवाते थे। 15 अगस्त को राजवाड़ा पर स्वतंत्रता दिवस के जश्न को धूमधाम से मनाने की शुरुआत भी उन्होंने की थी।


