इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से शनिवार को फिर पुलिस ने पूछताछ की। इससे पहले भी पुलिस ने नाना पटवारी से ड्रग मामले में पूछताछ की थी। पुलिस ने इस बार नाना को नोटिस देकर बुलाया था। करीब साढ़े तीन घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
डीसीपी जोन 1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि थाना राजेंद्र नगर में केस दर्ज हैं। उस मामले में इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल को गिरफ्तार किया गया था। कथन के आधार पर आरिफ खान को भी गिरफ्तार किया। इनके कथन लिए गए। उन्होंने जो जानकारी दी, उसी फैक्ट्स को चेक करने के लिए आज फिर नाना पटवारी को बुलाया गया था।
👉 यह भी पढ़ें:
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना को पुलिस ने उठाया, ड्रग नेटवर्क में नाम आने के बाद हो रही पूछताछ
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चिंटू चौकसे को नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाया, सोनिला मिमरोट भाटिया को दी जिम्मेदारी
- वंदे मातरम विवाद पर बोले जीतू पटवारी–जिस दल की मातृ संस्था ने 50 वर्षों तक तिरंगा झंडा नहीं फहराया, वह हमें राष्ट्रभक्ति पढ़ा रही है
- वंदे मातरम विवाद पर सीएम मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का मांगा इस्तीफा, कहा-राहुल गांधी दें स्पष्टीकरण
- कथा वाचक मोहित नागर कांग्रेस में शामिल, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले-वे नहीं जाएंगे राज्यसभा, दिग्विजय सिंह भी हो सकते हैं उम्मीदवार
- कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की चिट्ठी से गरमाई एमपी की सियासत, भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर पीएम मोदी से कर दी सीएम के इस्तीफे की मांग
ड्रग्स लेने की बात से कर रहे इनकार
डीसीपी ने बताया कि आज पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि ब्राउन शुगर लेने में इनका क्या रोल है। आरोपियों से इनके क्या संबंध है। प्रापर्टी के लेनदेन और ऑनलाइन गेमिंग का भी मामला था। उसमें पूछताछ की गई। इरफान खान और संजय कौशल को ये जानते हैं। जिस दिन की घटना है उस दिन भी मिले थे, लेकिन ड्रग्स की बात से इनकार कर रहे हैं। तीनों आरोपियों ने बताया कि पहले भी ड्रग्स लेते थे। फिर इन्हें ड्रग्स देने जा रहे थे। नाना पटवारी को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा,, जिसमें उनके बैंक अकाउंट की जानकारी भी देखी जाएगी।
आरोपियों ने लिया था पटवारी का नाम
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 10.1 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम लिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आरोपियों के आमने-सामने बैठाकर कई घंटे तक पूछताछ की थी। प्रारंभिक बयान और तथ्यों के सत्यापन के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन जांच लगातार जारी है।
अभी भी ड्रग ले रहे हैं नाना पटवारी
पिछली बार जब पुलिस ने नाना पटवारी को पूछताछ के लिए बुलाया था तो उन्होंने मीडिया से कहा था कि वे तीन-चार साल पहले ड्रग लेते थे लेकिन अब बिल्कुल ही छोड़ दिया है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि नाना पटवारी अब भी ड्रग लेते हैं। ऐसा पकड़े गए आरोपियों ने बताया है।
पूरा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
क्राइम ब्रांच अब इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क के की पड़ताल कर रह है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि मादक पदार्थों की खेप कहां से आ रही थी, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसका वित्तीय नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पहले भी कई मामलों में आ चुका है नाम
नाना पटवारी का नाम इससे पहले भी एक ड्रग्स प्रकरण में सामने आ चुका है। इसी वजह से पुलिस इस मामले की कड़ियों को पुराने मामलों से भी जोड़कर जांच कर रही है। नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास और जमीन से जुड़े एक अन्य मामले में पहले से केस दर्ज हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी इंदौर पुलिस ने नाना पटवारी को गिरफ्तार किया था। उस समय उनकी गिरफ्तारी सात साल पुराने एक मामले में हुई थी, जिसमें वे फरार चल रहे थे। नाना और उनके दो साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था। इसके अलावा, पिछले वर्ष तेजाजी नगर पुलिस ने नाना समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज किया था। फरियादी नरेंद्र मेहता का आरोप था कि उनकी जमीन पर धोखे से नाना पटवारी ने कब्जा कर लिया था।



