चिन्ता न करें भाजपा के 70 पार नेता, आपके स्वागत को आतुर है ‘मार्गदर्शक मंडल’

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जब नरेंद्र मोदी और अमित शाह भाजपा में शक्तिशाली हुए तो पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को किनारे कर दिया गया। तब भाजपा का मार्गदर्शक मंडल भी चर्चा में आया था। बाद में मुरली मनोहर जोशी सहित कई नेताओं को इस कथित मार्गदर्शक मंडल में शामिल कर लिया गया।

फिर धीरे-धीरे लोग इसे भूलने लगे, लेकिन पिछले कुछ समय से यह मार्गदर्शक मंडल फिर चर्चा में है। इसमें एक दिन पहले मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा की भर्ती हुई है। अब गांव की भाषा में कहा जा रहा है कि ‘मध्यप्रदेश में भले ही एक 70 साल की बुढ़िया की मौत हुई है, लेकिन मौत ने घर यानी मध्यप्रदेश को देख लिया है।‘

प्रदेश में 70 पार के कई नेता मौजूद हैं, जो आज भी युवा होने का दंभ भरते हैं। इनमें से कई मोहन कैबिनेट में मंत्री भी हैं। कई ने तो नरोत्तम मिश्रा की तरह सीएम बनने का ख्वाब देखकर खुद को जवान रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी पार्टी से अलग चलकर तो कभी कुर्सी पर काबिज सीएम का विरोध कर यह पार्टी में चर्चा का विषय बने रहने की कोशिश करते रहे हैं। इनमें से कई तो वे हैं जो दिल्ली की राजगद्दी छोड़ सीएम बनने का सपना लेकर मध्यप्रदेश आए थे।

कुछ नेताओं को लगता है कि वे गृह मंत्री अमित शाह के खास हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ऐसे नेताओं को नरोत्तम मिश्रा के साथ हुए घटनाक्रम से सबक लेना चाहिए। नरोत्तम मिश्रा भी अमित शाह के खास माने जाते हैं और खास हैं भी, लेकिन हुआ क्या?

ऐसे मुगालता पाल बैठे नेताओं को भाजपा में हो रहे परिवर्तन को समझना होगा। आखिर क्यों कई बड़े नेताओं की दावेदारी को दरकिनार करते हुए युवा चेहरे नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना ही सभी नेताओं के लिए साफ संदेश था कि अब भाजपा को युवा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

एक दूसरी बात और…भाजपा ने अपना दायरा बढ़ाने के लिए दूसरे दलों के लिए भी अपने दरवाजे पूरी तरह खोल रखे हैं। जाहिर है इससे भाजपा के पुराने खोटे सिक्कों को फिर से मौका नहीं मिलने वाला। पहले राज्यसभा का दरवाजा खुला रहता था, अब वह भी अतिथि नेताओं के स्वागत के लिए ही है। इसी हफ्ते बंगाल में टीएमसी छोड़कर भाजपा में आए तीन पूर्व राज्यसभा सांसद इसके ताजा उदाहरण हैं। भाजपा ज्वाइन करने के कुछ ही घंटों बाद इन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया गया।

इसीलिए मध्यप्रदेश के 70 पार नेता यह सोच लें कि जो कुछ अभी उनके पास है, उसी से संतुष्ट हो जाएं। ज्यादा उठापटक की तो मार्गदर्शक मंडल के दरवाजे आपके लिए दिन-रात चौबीसों घंटे खुले हुए हैं।

मार्गदर्शक मंडल में आपका स्वागत है…

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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