भोपाल। भोपाल में मंगलवार को डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में कई बड़े फैसले किए गए। सरकार ने अगले पांच साल तक पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 10,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विधानसभा के अंदर कैबिनेट में दिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है. 5 सालों के लिए 10520 करोड़ की 5 कृषि संबंधित योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति दी है। पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, माइक्रो इरिगेशन के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना को 1 अप्रैल 26 से 31 मार्च 2021 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सदन के सभी विधायक चाहे वह पक्ष के हों या विपक्ष के, उन्हें किसानों को बढ़ाने की दिशा में सहयोग करना चाहिए। हम किसानों के लिए एक अलग से कैबिनेट करें, जिसमें किसानों के लिए और बेहतर काम करने पर मिलकर चर्चा करें।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
इस योजना के तहत कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक और सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) 2400 करोड़ रुपये– किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन
इस योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सहयोग दिया जाएगा। मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर भी जोर रहेगा।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन
1800 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना का लाभ तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा, जिससे तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
उड़द पर 600 रुपए का बोनस
मोहन कैबिनेट ने उड़द की फसल पर 600 रुपए का बोनस दिए जाने के फैसले को भी मंजूर कर दिया है। बैठक के बाद बताया गया कि सरकार अब उड़द के क्विंटल पर 600 रुपए का बोनस देगी। वहीं सरसों फसल पर भावांतर योजना लागू करने फैसला भी मंजूर हो गया है।
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मोहन कैबिनेट ने उड़द की फसल पर 600 रुपए का बोनस दिए जाने के फैसले को भी मंजूर कर दिया है। बैठक के बाद बताया गया कि सरकार अब उड़द के क्विंटल पर 600 रुपए का बोनस देगी। वहीं सरसों फसल पर भावांतर योजना लागू करने फैसला भी मंजूर हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन मानते हुए भावांतर योजना का भुगतान किया जाएगा। प्रदेश में सरसों के 28 प्रतिशत तक उत्पादन में वृद्धि की योजना है। इसके अलावा सरकार ने किसानों के लिए 3285.50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है।



