कुलीनों के यशवंत क्लब में भारी पैमाने पर अवैध निर्माण, नगर निगम ने दिया नोटिस, क्या सारे नियम-कायदों से ऊपर हैं यहां के कर्णधार?

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इंदौर। शहर के रेसकोर्स रोड जैसे पॉश इलाके में सरकारी जमीन पर बसा एक क्लब है-यशवंत क्लब। सरकार ने खेल गतिविधियों विशेषकर क्रिकट के लिए इसे छह रुपए सालाना लीज पर दिया था। पूरे शहर को पता है कि यहां क्रिकेट छोड़कर सबकुछ होता है। जब भी कोई सवाल उठाता है तो क्लब के कर्ताधर्ता खुद को पाक-साफ बता देते हैं। इस बार नगर निगम ने इस क्लब को अवैध निर्माण करने पर नोटिस जारी किया है। क्या अब भी खुद को कुलीन मानने वाले इसके कर्ताधर्ता शहर में कॉलर ऊंचा करके घूमते फिरेंगे।

इस क्लब को लेकर लगातार शिकायतें होती रहती हैं। कई बार क्लब के सदस्य भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन होता कुछ नहीं। विभागीय शिकायतें पता नहीं किसके डर या दबाव में फाइलों में बंद हो जाती हैं और सदस्यों को निष्कासित करने का भय दिखाकर दबा दिया जाता है। हर बार यही होता है और क्लब के कर्ताधर्ता निर्बाध रूप से ऐसी गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं जिसे कानून सम्मत तो नहीं ही कहा जा सकता। अगर इस शब्द पर आपको कोई आपत्ति हो तो क्या नगर निगम के तीन करोड़ दबाकर बैठना कानून सम्मत है या फिर बिना अनुमति अवैध निर्माण करने को जायज ठहराया जा सकता है?

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शहर के तीन करोड़ रुपए दबा कर बैठा है क्लब

पिछले लंबे समय से क्लब को लेकर यह शिकायत होती रही है कि यह नगर निगम का टैक्स नहीं भरता। शिकायत तो यह भी हुई कि जितने का टैक्स नगर निगम लगाता है, उससे कहीं अधिक निर्माण है। क्लब चूंकि कुलीनों का है तो वे पीएम, सीएम से लेकर किसी भी विभाग की चिन्ता नहीं करते। शायद इसी कारण नगर निगम के तीन करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व दबाकर बैठे हैं। वह भी उसी शहर में जहां जनता लाइन में लगकर अपना टैक्स भरती है, ताकि शहर के विकास में रुकावट नहीं आए। इसके विपरित क्लब के कथित बड़े लोग शहर की जनता का पैसा दबाने में ही अपना बड़प्पन समझ रहे हैं।

अवैध निर्माण के बाद भी दादागिरी

ताजा मामला नगर निगम से जुड़ा हुआ है। क्लब के कुलीनों ने एक तो पहले से ही अवैध निर्माण कर रखा है। ऊपर से बिना अनुमति और अवैध निर्माण शुरू कर दिया। औपचारिकता के लिए एक आवेदन नगर निगम में लगा दिया। चूंकि नगर निगम का पहले से ही तीन करोड़ रुपए से अधिक क्लब डकार कर बैठा है, इसलिए निगम ने निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद नपती भी हो गई, जिसमें भारी पैमाने पर अवैध निर्माण मिला है।

अवैध निर्माण पर नगर निगम ने भेजा नोटिस

निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद बिल्डिंग अधिकारी और राजस्व अधिकारी यशवंत क्लब गए थे। जांच की गई। इसमें भारी पैमाने पर अवैध निर्माण पाया गया है। इसके बाद निगम ने नोटिस जारी किया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। निगम कमिश्नर ने कहा कि नियमानुसार अवैध निर्माण हटना चाहिए। अगर जवाब संतोषजनकर नहीं हुआ तो ऐसे मामलों में रिमूवल की कार्रवाई भी होती है।

बिना अनुमति दो मंजिल ज्यादा बनी ली मुख्य बिल्डिंग

नगर निगम द्वारा करवाई गई नपती में क्लब में कई अवैध निर्माण मिले। ताज्जुब की बात यह है कि मुख्य बिल्डिंग की दो मंजिल भी अवैध है। इसके लिए 1650 वर्गमीटर यानी करीब 17760 वर्गफुट के निर्माण की अनुमति ली गई, जबकि 2348.70 वर्गमीटर यानी करीब 25281 वर्गफुट का निर्माण कर लिया गया। ग्राउंड फ्लोर की अनुमति लेकर ग्राउंड प्लस 2 का निर्माण कर लिया गया। स्क्वैश कोर्ट के लिए 115.3 वर्गमीटर यानी करीब 1241 वर्गफुट के निर्माण की अनुमति ली गई थी। यहां 732.846 वर्गमीटर यानी करीब 7888 वर्गफुट का अतिरिक्त निर्माण कर लिया गया है। वह भी ग्राउंड की अनुमति लेकर जी प्लस वन का निर्माण हुआ है। इसके साथ ही कैफे भी अवैध रूप से बना है।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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