इंदौर। इंदौर लोकायुक्त इकाई ने कार्यालय सहायक आयुक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर तथा उत्पाद शुल्क (सीजीएसटी)प्रभाग खंडवा के सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक राहुल बिरला निवासी सनावद ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय से की थी। उन्होंने बताया था कि वे जीएसटी रिटर्न एवं अकाउंटिंग का काम अपनी फर्म लक्ष्य अकाउंटिंग सॉल्यूशन सनावद से करते हैं। सीजीएसटी सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी द्वारा एक मेडिकल फर्म का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया था। इसे रिबोक करना था तथा तीन फर्मों में पते तथा मोबाइल नंबर अमेंडमेंट कराना था। इसके लिए त्रिपाठी ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। 25 अक्टूबर यानी शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने आरोपी सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते उनके कार्यालयीन कक्ष से रंगेहाथ पकड़ा। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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